‘होली मिलन करना है’ बोल कारोबारी के घर में घुसे बदमाश, जेवरात-कैश लूटा, पत्नी के हाथ का कंगन भी नहीं छोड़ा
अलीगढ़ में स्क्रैप कारोबारी के घर होली मिलन के बहाने 4 बदमाश घुस आए. कारोबारी और उनकी पत्नी को तमंचा और चाकू के बल पर बंधक बना लिया. विरोध करने पर दंपति को पीटा. साथ ही 5 लाख रुपये के जेवरात और कैश लूटकर फरार हो गए.
अलीगढ़ में एक फिल्मी तरीके से लूट की घटना सामने आई है. यहां 4 बदमाश हैप्पी होली बोलते हुए स्क्रैप कारोबारी के घर में घुसे. दंपति को बंधक बनाया और 5 लाख रुपये के जेवर के साथ कैश लूटकर फरार हो गए. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गई है. घटनास्थल से सबूत और फिंगर प्रिंट जुटाए है.लूट की ये पूरी घटना कारोबारी के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.
देहलीगेट थाना क्षेत्र के घुड़िया बाग हाथरस वाला पेंच इलाके के रहने वाले कारोबारी विनोद कुमार वार्ष्णेय. दोपहर 12.45 बजे वह घर पर मौजूद थे. उस वक्त घर के पीछे की जाली वाले गेट के पास एक युवक आया. उसने आवाज देते हुए कहा कि होली मिलन करना है पास आइए. वह उसके पास पहुंचे, इस दौरान उसके पीछे छिपे 3 अन्य हथियारबंद बदमाश जबरन गेट खोलकर घर के अंदर चले आए.
बंधक बनाकर की लूटपाट
कारोबारी विनोद कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि बदमाशों ने उन्हें और उनकी पत्नी को तमंचा और चाकू के बल पर बंधक बना लिया. विरोध करने पर दंपति को पीटा. उन्होंने दंपति को धमकी दी कि चुपचाप सामान दो वरना गोली मार देंगे. लुटेरों ने कारोबारी की पत्नी के हाथों से सोने के कंगन तक उतरवा लिए.
दंपति का मोबाइल फोन भी ले गए चोर
लुटेरों ने दंपति की बेटी के कमरे में रखे 5 लाख के सोने-चांदी के जेवर और नकदी को भी लूट लिया. इसके अलावा दंपति के मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए. घर में लगे वाईफाई राउटर भी अपने साथ ले गए. उन्होंने दंपति को धमकी दी, अगर घर से बाहर निकले और इस लूट के बारे में जानकारी दी तो जान से मार देंगे.
बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की 3 टीमों का गठन
पुलिस की शुरुआती जांच में सीसीटीवी में 4-5 संदिग्ध युवक घर के आसपास रेकी करते नजर आए हैं. बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की 3 टीमों का गठन किया गया. फिलहाल, दिनदहाड़े हुई लूट की इस घटना से स्थानीय व्यपारियों और निवासियों में भारी नाराजगी है. उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द संदिग्धों को पकड़ने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
