औरैया SP ऑफिस में रील बनाकर घिरी महिला, बवाल बढ़ने पर मांगी माफी, डिलीट किया अकाउंट
औरैया एसपी कार्यालय में एक महिला द्वारा कुर्सी पर बैठकर बनाई गई रील तेजी से वायरल हुई. इस विवादित वीडियो के बाद महिला और उसके ससुर ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी. एसपी ने महिला को भविष्य के लिए सख्त हिदायत देकर छोड़ दिया है. अब यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.
औरैया जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक रील ने चर्चा का विषय बना दिया है. मामला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के ऑडिटोरियम का है, जहां एक महिला द्वारा एसपी की कुर्सी पर बैठकर बनाई गई वीडियो रील को लेकर विवाद खड़ा हो गया. वीडियो वायरल होने के बाद महिला को तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर मजबूर होना पड़ा है.
जानकारी के अनुसार, ककोर स्थित एसपी कार्यालय में मंगलवार को सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के सम्मान और विदाई समारोह का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम में कई अधिकारी, रिटायर्ड पुलिसकर्मी और उनके परिजन शामिल हुए थे. समारोह के बाद ऑडिटोरियम खाली हो गया, लेकिन एक रिटायर्ड दरोगा के परिवार की महिला मंच पर वीडियो रील बनाने लगी.
SP के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई
जानकारी के मुताबिक, सभी के जाने के बाद महिला ऑडिटोरियम में रुक गईं और उन्होंने मंच पर लगी कुर्सी पर बैठकर एक वीडियो रील बनाई. वीडियो में महिला एसपी की कुर्सी पर बैठकर घूमती हुई दिखाई दीं. बाद में इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड कर दिया. रील अपलोड होते ही वीडियो तेजी से वायरल होने लगा और सवाल उठने लगे.
सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं. कई लोगों ने इसे सरकारी कार्यालय की गरिमा से जोड़ते हुए सवाल उठाए. मामले की जानकारी जब पुलिस प्रशासन तक पहुंची, तो तत्काल संज्ञान लिया गया. पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कराई गई और महिला को फटकार लगाई गई.
अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी
जांच में पता चला कि वीडियो कार्यक्रम समाप्त होने और ऑडिटोरियम खाली होने के बाद बनाया गया था. विवाद बढ़ने पर महिला और उनके ससुर, जो सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी हैं, ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी. महिला ने अपना सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिया और एक माफीनामा वीडियो जारी किया.
पुलिस प्रशासन ने महिला को भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की चेतावनी देकर छोड़ दिया है. हालांकि, इस घटना ने सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की बढ़ती होड़ और सार्वजनिक संस्थानों की गरिमा को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
