DM-नगर आयुक्त हाजिर हों…. प्रयागराज में बाढ़ से HC नाराज, जारी किया तलबी ऑर्डर; डूबा रामबाग रेलवे ट्रैक
प्रयागराज में भीषण बाढ़ और जलभराव पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. वकीलों, जजों और आम जनता को हो रही परेशानी के चलते कोर्ट ने मामले पर स्वतः संज्ञान लिया. इस संबंध में DM और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है. उधर, रामबाग में रेलवे ट्रैक भी जलमग्न होने से रेल यातायात प्रभावित हुआ है.
उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में बाढ़ का मामला गहरा गया है. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खुद इस मामले का संज्ञान लिया है. इसी क्रम में प्रयागराज के डीएम और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है. एक रात की बारिश में हुई बदहाली पर संज्ञान लेते हुए जस्टिस अजित कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने कड़ा रूख अपनाया है. कहा कि इस बाढ़ की वजह से वकीलों और जजों को हाईकोर्ट पहुंचने में देरी हुई. इसके चलते मामले की सुनवाई प्रभावित हुई है.
प्रयागराज में रविवार की पूरी रात मूसलाधार बारिश हुई थी. इसकी वजह से करीब आधा शहर जलभराव की चपेट में आ गया था. रही सही कसर मंगलवार को हुई लगातार बारिश ने पूरी कर दी. इसके कारण पूरे शहर में भीषण जलभराव हो गया है. घर से कोर्ट के लिए कई जज भी इस जलभराव में फंसे और उन्हें अदालत पहुंचने में परेशानी हुई. परिणामस्वरुप कोर्ट की सुनवाई भी काफी देरी से शुरू हो सकी. इसी को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने मामले को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया है.
डीएम-नगर आयुक्त से मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए सवाल किया कि निचले इलाकों में हर साल जलभराव होता है. इसे रोकने के लिए समय रहते ठोस उपाय क्यों नहीं हुए. इस बार तो स्थिति मुख्य शहर में भी खराब हुई. इस मामले में हाईकोर्ट ने नगर विकास एवं नियोजन विभाग के सचिव को भी परसों तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा है. इसी के साथ प्रयागराज के डीएम और नगर आयुक्त को खुद कोर्ट में हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है.
पूछा ये सवाल
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में अधिकारियों से साफ तौर पर कहा है कि जिम्मेदारी अधिकारी खुद आकर बताएं कि जलभराव रोकने के लिए उनके पास क्या-क्या योजनाएं हैं, कितनी योजनाएं स्वीकृत की गई हैं और किन योजनाओं पर काम चल रहा है. इसी के साथ सबसे मुख्य सवाल कि बरसाती पानी से शहर में बाढ़ कैसे आई. हाईकोर्ट के इस सख्त रूख के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम में हड़कंप मच गया है.
रामबाग में डूबा रेलवे ट्रैक, ट्रेनों का संचालन प्रभावित
इधर तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से शहर के कई हिस्से जलमग्न हो चुके हैं. सड़कों, चौराहों और रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया है. इससे यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. कहीं लोग घरों में सिमटकर रह गए हैं तो कई इलाकों में लोगों को अपने घर में भी शरण नहीं है. बारिश का असर अब रेलवे सेवाओं पर भी नजर आ रहा है. रामबाग रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो और तीन के ट्रैक पानी में डूब गए हैं. कई जगह पटरियों के ऊपर करीब तीन फीट तक पानी है. हालात को देखते हुए इन तीनों प्लेटफॉर्म से ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है.
