नोएडा प्राधिकरण में एक हफ्ते बाद पटरी पर लौटा कामकाज, SIT जांच की वजह से ठप था दफ्तर
नोएडा प्राधिकरण में एक हफ्ते बाद कामकाज पूरी तरह पटरी पर लौट आया है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत मामले में चल रही SIT जांच के कारण कार्यालय बंद था, जिससे नोएडा वासियों को काफी परेशानी हुई और रूटीन के काम अटक गए थे. मंगलवार को दफ्तर खुलते ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. अटके हुए नक्शे, एनओसी और रजिस्ट्री जैसे काम निपटाए जा रहे हैं.
नोएडा सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत को लेकर चल रही एसआईटी जांच की वजह से नोएडा प्राधिकरण का कामकाज करीब एक सप्ताह से ठप था. इस दौरान ना तो किसी आम आदमी को दफ्तर में आने की अनुमति थी और ना ही किसी मीडिया कर्मी को ही आने दिया गया. इससे नोएडा वासियों को काफी दिक्कतें हुईं. यहां तक कि रूटीन के काम भी लट गए. एक हफ्ते बाद मंगलवार को दोबारा से इस दफ्तर में कामकाज शुरू हुआ.
इससे दफ्तर में लोगों की भीड़ भी खूब देखने को मिली. एसआईटी टीम ने करीब एक सप्ताह पहले मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर में अपनी जांच शुरू की थी. मंगलवार से लेकर गुरुवार तक आम लोगों को दफ्तर में अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया. अधिकारियों से लगातार पूछताछ और व्यस्तता के चलते किसी भी फाइल का निस्तारण नहीं हो सका. वहीं शुक्रवार को दफ्तर पूरी तरह बंद कर दिया गया. जबकि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश था.
दफ्तर खुलते शुरू हुआ कामकाज
ऐसे में पूरे सप्ताह प्राधिकरण के सभी काम अधूरे रहे और लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा. मंगलवार की सुबह दफ्तर खुलते ही प्राधिकरण के अंदर लोगों की भारी भीड़ जुट गई. लोग अपने अटकी फाइलों को देखने के लिए दौड़ पड़े. इस बीच नक्शे पास कराने एनओसी रजिस्ट्री आदि के काम हुए. अन्य विभाग के अधिकारियों से भी आम लोगों की मुलाकात हो पायी. नोएडा के सेक्टर 73 निवासी संजीव खत्री ने बताया कि उन्होंने अपने मकान से संबंधित नक्शा पास करने के लिए आवेदन किया था. दफ्तर खुलते ही नक्शा पास हो गया.
लोगों ने राहत की सांस
एक सप्ताह अथॉरिटी का कामकाज ठप रहने की वजह से लोागें को उनका नक्शा नहीं मिल सका. ऐसे में उनके घर का काम लेट हो गया. सेक्टर 51 निवासी हरि सिंह ने बताया कि एक सप्ताह की अंतराल में उन्हें तीन बार चक्कर काटने के बाद अब उन्हें आवासीय विभाग से उनके फ्लैट की एनओसी मिली है. इससे उन्होंने राहत की सांस ली है. अब ऐसे में फिर से एक सप्ताह से पेंडिंग पड़े कामों को अधिकारी तेजी से कर रहे हैं.
