वेस्ट टू आर्ट थीम और 18 करोड़ की लागत… अयोध्या में बनेगा भव्य लव-कुश पार्क

अयोध्या में 17.72 करोड़ रुपये की लागत से भव्य लव-कुश पार्क बनेगा. यह 'वेस्ट टू आर्ट' की अनूठी थीम पर आधारित होगा. यह पार्क रामायण की कहानियों को स्क्रैप मूर्तियों और इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन के माध्यम से जीवंत करेगा. अयोध्या में लव-कुश पार्क पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा.

अयोध्या राम मंदिर (फाइल फोटो)

रामनगरी अयोध्या में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू होने जा रही है. राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रायबरेली राजमार्ग पर स्थित मऊशिवाला एमआरएफ सेंटर के समीप 17.72 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण किया जाएगा. यह पार्क ‘कचरे से कला’ थीम पर आधारित होगा.

लव-कुश पार्क रामायण की कहानियों को स्क्रैप मूर्तियों और इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन के माध्यम से जीवंत करेगा. अयोध्या में धार्मिक स्थलों के बाद लव-कुश पार्क पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा. नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे इस पार्क का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को एक साथ जोड़ना है.

‘कचरे से कला’ थीम इस परियोजना की जान

नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि पार्क विशेष रूप से भगवान राम के पुत्र लव और कुश की कहानियों पर केंद्रित होगा. रामायण काल की इन लोकप्रिय कथाओं को आधुनिक कला के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी पौराणिक इतिहास से जुड़ सके. सीएम योगी के नेतृत्व में अयोध्या को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है.

उन्होंने बताया कि ‘कचरे से कला’ थीम इस परियोजना की जान है. शहर के कचरे और स्क्रैप मटेरियल को इकट्ठा कर उससे भव्य मूर्तियां, मॉडल और इंस्टालेशन्स तैयार किए जाएंगे. राम-सीता, लव-कुश, अश्वमेध यज्ञ, वनवास की घटनाएं और अन्य महत्वपूर्ण प्रसंग स्क्रैप धातु की मूर्तियों के रूप में दर्शाए जाएंगे. इसके जरिए पर्यटक भी इनका हिस्सा बन सकेंगे.

3D मॉडल और साउंड-लाइट शो दिखाया जाएगा

इस पार्क में लव-कुश द्वारा घोड़े पकड़ने की घटना को 3D मॉडल और साउंड-लाइट शो के माध्यम से दिखाया जाएगा. यह पार्क न केवल दर्शनीय होगा बल्कि शैक्षिक भी होगा. स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा. साथ ही, यह पार्क साबित करेगा कि कचरा केवल एक बोझ नहीं, बल्कि संसाधन हो सकता है.

अयोध्या में धार्मिक स्थलों के बाद लव-कुश पार्क पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा. रामायण की कथाओं से जुड़े श्रद्धालु यहां आकर न केवल आध्यात्मिक अनुभव करेंगे बल्कि पर्यावरण अनुकूल विकास का भी साक्षात्कार करेंगे. इस पार्क में वॉकवे, गार्डन, बैठने की व्यवस्था, रोशनी और सिक्योरिटी की आधुनिक सुविधाएं होंगी.

कला, संस्कृति और विकास का अनूठा संगम

यह परियोजना सार्वजनिक कला, संस्कृति और सतत विकास का अनूठा संगम साबित होगी. आज के समय में जब प्लास्टिक और कचरे की समस्या बढ़ रही है, अयोध्या जैसे पवित्र शहर से ‘कचरे से कला’ का संदेश पूरे देश को प्रेरित करेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पार्क न केवल पर्यटन को बढ़ाते हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं.

नगर निगम के मुताबिक निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा. पूरा पार्क पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनाया जाएगा. डिजाइन में रामायण की पारंपरिक शैली को आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा गया है. लव-कुश पार्क अयोध्या को न केवल धार्मिक नगरी के रूप में बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय उत्कृष्टता का प्रतीक भी बनाएगा.

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