बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया स्वतंत्र भारद्वाज, जंतर-मंतर पर मारपीट का आरोप
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया है. आरोप है कि 23 जून को प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की गई थी. संजय का दावा है कि उन्हें घेरकर सिर पर हमला किया गया, जिसके बाद उन्हें RML अस्पताल ले जाया गया. मामले में वायरल पॉडकास्ट क्लिप के आधार पर स्वतंत्र पर हमले की बात कबूल करने का दावा किया गया.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है. पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है. आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की गई थी. मामले में एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप सामने आई, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज पर कथित तौर पर हमले की बात कबूल करने का दावा किया गया.
हालांकि स्वतंत्र भारद्वाज ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है. दरअसल, 23 जून 2026 को दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP का प्रदर्शन चल रहा था. प्रदर्शन में निशु आजाद के पिता संजय कुमार अपनी 14 साल की बेटी के साथ पहुंचे थे. शाम करीब साढ़े पांच बजे संजय अपने फोन से प्रदर्शन का वीडियो बना रहे थे. इसी दौरान एक युवक से उनका विवाद शुरू हो गया.
संजय कुमार पर हुआ था हमला
आरोप है कि इसके बाद 2 से 3 युवकों ने संजय कुमार को घेर लिया और उनके साथ मारपीट की. आरोप है कि संजय कुमार के सिर पर घूंसे मारे गए और किसी ठोस चीज या लोहे के कड़े जैसी वस्तु से भी हमला किया गया. मारपीट में संजय घायल हुए. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए RML अस्पताल ले जाया गया. मेडिकल रिपोर्ट में उनके सिर पर दो कटे हुए घाव दर्ज होने की बात सामने आई है. यानी मामला सिर्फ कहासुनी तक सीमित नहीं रहा.
भारी दबाव के बाद केस
बल्कि शिकायत के बाद पुलिस जांच तक पहुंच गया. मामले में उस वक्त नया मोड़ आया जब एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई. दावा किया गया कि क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय कुमार पर हमला करने की बात स्वीकार की थी. इस क्लिप के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने भारी दबाव में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ SC/ST एक्ट में मामला दर्ज किया गया. फिर उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया.
आत्मरक्षा का दावा
लेकिन स्वतंत्र का पक्ष इस पूरे मामले से बिल्कुल अलग है. स्वतंत्र भारद्वाज का दावा है कि उन्होंने किसी पर हमला करने की कोशिश नहीं की थी. उनका कहना है कि उन्हें 10 से 15 लोगों ने घेर लिया था. स्वतंत्र के मुताबिक, अगर उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई नहीं की होती तो भीड़ उन्हें पीट-पीटकर मार सकती थी. उनका दावा है कि इसी दौरान संजय कुमार के सिर में चोट लगी यानी जहां शिकायत में इसे हमला बताया गया. वहीं आरोपी इसेआत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बता रहा.
असल सच्चाई क्या?
स्वतंत्र ने मेडिकल रिपोर्ट को लेकर भी अपना पक्ष रखा है. उनका दावा है कि दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक संजय कुमार को कोई गंभीर चोट नहीं आई. हालांकि शिकायत में सिर पर चोट लगने की बात कही गई है और अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में दो कटे हुए घाव दर्ज होने की बात सामने आई है. अब इन दोनों दावों के बीच असल सच्चाई क्या है… ये पुलिस की जांच और उपलब्ध वीडियो सबूतों से ही साफ होगी.
राजनीतिक कनेक्शन पर ये दावा
स्वतंत्र भारद्वाज ने वायरल पॉडकास्ट क्लिप को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और दूसरे लोगों की ओर से सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही पॉडकास्ट क्लिप फर्जी है. साथ ही उन्होंने कहा कि उनके पास वीडियो के रूप में सबूत मौजूद हैं. यानी अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि उस दिन जंतर-मंतर पर आखिर हुआ क्या था? क्या संजय कुमार पर हमला किया गया था या जैसा स्वतंत्र भारद्वाज दावा कर रहे हैं… वो घटना हुई?
पॉडकास्ट को बताया फर्जी
इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं. स्वतंत्र ने उन दावों को भी खारिज किया कि उन्हें किसी राजनीतिक प्रभाव की वजह से राहत मिली. उन्होंने कपिल मिश्रा और चिराग पासवान को अपना भाई जैसा बताते हुए कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि उनकी कही गई बात को व्यंग्य के संदर्भ में लिया गया था. फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने बुलंदशहर से हिरासत में लिया है और मामले की जांच जारी है.
