साइबर ठगों ने नायब तहसीलदार से उड़ाए 16 लाख रुपये, शुरू में दिखाया था 60 लाख का फायदा
बाराबंकी में नायब तहसीलदार से साइबर ठगों ने 16 लाख रुपये का फ्रॉड कर दिया है. मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर पहले ठगों ने नायब तहसीलदार से 3 महीने तक निवेश कराया. फिर अचानक सारे संपर्क खत्म कर दिए.
बाराबंकी में साइबर ठगों ने नायब तहसीलदार के साथ 16 लाख रुपये का फ्रॉड कर लिया है. अब उन्होंने साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. दरअसल हुआ यह कि नायब तहसीलदार राज बहादुर वर्मा को व्हाट्सएप पर एक कॉल आया. कॉल करने वाले महिला थी. उसने उन्हें शेयर मार्केट में निवेश करने पर मोटा मुनाफा लालच दिया. शुरुआत में राजबहादुर वर्मा को मुनाफा दिया भी गया, लेकिन उनका इस फ्रॉड में फंसने की सबसे बड़ी कड़ी यही साबित हुई. शुरुआत में मुनाफा मिलने से ठगों पर नायब तहसीलदार राज बहादुर वर्मा को भरोसा हो गया और उन्होंने और निवेश करना शुरू किया. फिर उनके साथ 16 लाख का फ्रॉड हो गया.
नायब तहसीलदार के साथ ऐसे हुए ठगी
शहर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी निवासी नायब तहसीलदार राज बहादुर वर्मा ने बताया कि उन्हें व्हाट्सएप पर एक कंगना शर्मा नाम की महिला का कॉल आया. उसने खुद को “कोटक लर्निंग एंड कम्युनिकेशन” नामक कंपनी में कार्यरत बताया. व्हाट्सएप पर इसका ग्रुप भी है. इस ग्रुप में शेयर मार्केट में निवेश पर 5 से 20 प्रतिशत तक लाभ मिलने का दावा किया जा रहा था. कंगना शर्मा ने खुद को इस कंपनी का असिस्टेंट बताते हुए उन्हें निवेश के लिए उकसाना शुरू कर दिया.
पीड़ित के मुताबिक ठगों ने कस्टमर सर्विस का हवाला देते हुए अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी ली. फिर अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच विभिन्न तिथियों में कुल करीब 16 लाख रुपये ट्रांसफर कराए. यह धनराशि पीड़ित के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मेन ब्रांच स्थित खाते से भेजी गई. निवेश के बाद पीड़ित को एक ऐप और डैशबोर्ड के जरिए उनके निवेश और मुनाफे की जानकारी दिखाई जाती रही. इसमें उन्हें लगातार लाभ होता हुआ दिख रहा हा था.
60 लाख 83 हजार रुपये दर्शाया था मुनाफा
15 अक्टूबर 2025 को कैन एच लाइफ कंपनी के 19 हजार आईपीओ शेयर पीड़ित के पुत्र के नाम से आवंटित दिखाए गए. इन शेयरों की कीमत और कथित मुनाफा बढ़ाकर करीब 60 लाख 83 हजार रुपये दर्शाया गया. इससे पीड़ित का भरोसा और मजबूत हो गया. हालांकि जब पीड़ित ने निवेश की गई रकम और मुनाफे की निकासी की मांग की तो ठगों ने टालमटोल शुरू कर दी. फिर नए-नए बहाने बनाकर भुगतान टालते रहे.
पुलिस ने आम लोगों से की अपील
चार दिसंबर 2025 के बाद ठगों के अचानक सभी व्हाट्सएप कॉल और मैसेज बंद हो गए. इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ. पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है. साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि मामले में संबंधित खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है. पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश करते समय सतर्क रहें और किसी भी अनजान ग्रुप या लिंक के झांसे में न आएं.
