बरेली: पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री पन्नालाल कश्यप गिरफ्तार, किसानों से करोड़ों की ठगी का आरोप

बरेली क्राइम ब्रांच ने करोड़ों की ठगी के मामले में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पन्नालाल कश्यप को मेरठ से गिरफ्तार किया है. पन्नालाल पर किसानों से होटल और फैक्टरी के नाम पर जमीन खरीदने का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है.

पूर्व मंत्री पन्नालाल कश्यप गिरफ्तार

बरेली में किसानों से जमीन खरीदने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में बरेली क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने मामले में आरोपी पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पन्नालाल कश्यप को मेरठ से गिरफ्तार किया है. गाजियाबाद निवासी पन्नालाल पर बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था.

पुलिस के मुताबिक, पन्नालाल कश्यप गाजियाबाद के थाना नंदग्राम क्षेत्र के गढ़ी का रहने वाला है. वह साल 2007 में बसपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रह चुके हैं. बरेली क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में टीम उनकी तलाश कर रही थी. पन्नालाल कश्यप के खिलाफ अलग-अलग मामलों में करीब 38 मुकदमे दर्ज हैं.

गाजियाबाद में पुलिस टीम को दिया था चकमा

पन्नालाल कश्यप के इस नेटवर्क की ओर से बरेली समेत कई जिलों में किसानों को होटल और फैक्टरी लगाने के नाम पर जमीन खरीदने का भरोसा दिया जाता था. इसके बाद जमीन के सौदे के नाम पर उनसे रकम ली जाती थी और बाद में मामला टाल दिया जाता था. इस पूरे मामले में कई लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है.

क्राइम ब्रांच ने पहले गाजियाबाद में पन्नालाल के ठिकाने पर दबिश दी थी, लेकिन वह टीम को चकमा देकर वहां से निकल गया. इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज की और उसे मेरठ से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच आरोपी को बरेली लेकर पहुंची. यहां उसे भोजीपुरा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है.

SSP ने क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर की थी जांच

पुलिस के मुताबिक, भोजीपुरा थाने में पन्नालाल के खिलाफ पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं. इसके अलावा अलग-अलग थानों में करीब 38 मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस इन मामलों में उसकी भूमिका की जांच कर रही है. पीड़ितों की शिकायतों पर थाना स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद एसएसपी ने इन मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर की थी.

बताया जा रहा है कि ठगी के शिकार किसान करीब तीन साल से कार्रवाई के लिए पुलिस के चक्कर लगा रहे थे. करीब दो साल पहले तत्कालीन आईजी राकेश कुमार सिंह और मौजूदा एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले को गंभीरता से लिया. इसके बाद मुकदमे दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई. मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है.

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