घिनौना है सलीम वास्तिक का असली चेहरा, 25 साल पहले हुई थी उम्रकैद; फिर अरेस्ट

गाजियाबाद से दिल्ली पुलिस ने यूट्यूबर सलीम वास्तिक को गिरफ्तार किया है. यह वही सलीम वास्तिक है जो खुद को एक्स मुस्लिम बताकर इस्लाम में खामियां गिनाता था. अब उसका असली चेहरा सामने आया है. पता चला है कि 25 साल पहले 13 साल के बच्चे की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद हुई थी, जिसके बाद वह जमानत पर फरार हो गया था.

गाजियाबाद के एक्स मुस्लिम सलीम

राष्ट्रीय राजधानी से सटे उतर प्रदेश के गाजियाबाद में रहने वाला Ex मुस्लिम सलीम वास्तिक तो आपको याद ही होगा. वही यूट्यूबर सलीम वास्तिक, जिसका अमरोहा के रहने वाले दो सगे भाईयों ने उसके ऑफिस में घुसकर गला रेत दिया था. बड़ी मुश्किल से उसकी जान बची थी, लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया है. इसी के साथ इस शातिर बदमाश का असली चेहरा दुनिया के सामने आया है. दरअसल यह एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक एक 13 साल के बच्चे का हत्यारा है.

बच्चे की हत्या के मामले में उसे 25 साल पहले उम्रकैद की सजा भी हुई थी, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद यह फरार हो गया था. इस संबंध में दिल्‍ली के गोकलपुरी थाने में उसके खिलाफ अपहरण, रंगदारी और हत्‍या की धाराओं में एफआईआर दर्ज है. यह शाति बदमाश उसी समय से गाजियाबाद में अपना नाम और पहचान छिपाकर फरारी काट रहा था. सटीक इनपुट के बाद गाजियाबाद पहुंची दिल्ली पुलिस की टीम ने से अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया है, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

शामली का रहने वाला है यह बदमाश

खुद को एक्‍स मुस्लिम बताने वाला यह शातिर बदमाश सलीम वास्तिक गाजियाबाद में यूट्यूब चैनल ऑपरेट करता था. इसमें वह आमतौर पर इस्लाम के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट करता था. जिसकी वजह से अमरोहा से आकर नोएडा में काम करने वाले दो सगे भाइयों ने इसके ऑफिस में घुसकर हत्या कर दी थी. गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक अब सलीम वास्तिक की असली पहचान सामने आई है. इसमें पता चला है कि उसका असली नाम सलीम खान है और वह मूल रूप से शामली का रहने वाला है.

रंगदारी के लिए किया था मर्डर

पुलिस के मुताबिक 20 जनवरी 1995 को सलीम वास्तिक ने दिल्‍ली में एक कारोबारी से रंगदारी मांगी थी. नहीं मिलने पर इसने कारोबारी के 13 साल के बेटे को अगवा कर लिया और फिरौती मांगने लगा. जब फिरौती भी नहीं मिली तो इसने बच्चे की हया कर दी थी. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने उसे अरेस् कर जेल भेजा था. जहां से 1997 में उसे उमकैद की सजा भी हो गई. इसी बीच साल 2000 में वह जमानत पर बाहर आया और फरार हो गया. तब से दिल्ली पुलिस इसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर तलाश कर रही थी.

पाकिस्तान के इशारे पर हुआ हमला

दो महीने पहले 27 फरवरी को ही दो सगे भाइयों गुलफाम और जीशान ने सलीम वास्तिक पर हमला किया था. दोनों मिलकर इसे लात घूंसों से पीटा तो और चाकू से 14 वार किए थे. उस समय तो इसकी जान बड़ी मुश्किल से बची थी. वहीं पुलिस ने दोनों आरोपियों गुलफाम और जीशान को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया था. इधर, अस्पताल से छुटटी मिलने के बाद घर पहुंचा सलीम वास्तिक अभी स्वास्थ्य लाभ ले ही रहा था कि दिल्ली पुलिस ने से उसके घर से उठा लिया है.

इसलिए हुआ हमला

खुद को एक्स मुस्लिम बताने वाला सलीम वास्तिक इस्लाम की खूब बुराई करा था. वह अक्सर इस धर्म की खामियां गिनाते हुए वीडियो बनाता और अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड करता था. इसकी वजह से वह देश के कट्टरपंथी संगठनों के निशाने पर तो था ही, पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के भी टारगेट पर आ गया था. पुलिस की जांच में पता चला है कि यह शातिर बदमाश सलीम पहले कंस्‍ट्रक्‍शन का काम करता था. उसके बाद वह एक मस्जिद में मौलवी भी ना. बाद में इसने इस्लाम से तौबा कर लिया था.

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