‘2 लाख दो, वरना एनकाउंटर कर दूंगा’.. खुद को IPS बता रंगदारी मांग रहा था गोरखपुर यूनिवर्सिटी का क्लर्क, ऐसे पकड़ा गया
गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र में एक शख्स ने खुद को आईपीएस बताकर व्यापारी से 2 लाख की रंगदारी मांगी. व्यापारी ने इसकी शिकायत पुलिस से की. अब अपने आप को आईपीएस बताने वाला शख्स पकड़ लिया गया है. पुलिस जांच में यह शख्स गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निलंबित क्लर्क निकला.
गोरखपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया. यहां एक शख्स ने व्यापारी को धमकी दी. उसने खुद को आईपीएस बताया और फिर व्यापारी से 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगी. उसने व्यापारी से कहा कि 2 दिन में अगर 2 लाख रुपये नहीं दिए तो हत्या का केस दर्ज कर एनकाउंटर कर दूंगा.
यह वाकया हुआ नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 17 अटल नगर के रहने वाले संदीप सिंह के साथ. संदीप ने बताया कि एक हफ्ते पहले उनके पास एक शख्स आया. उसने आईपीएस अधिकारी की वर्दी पहन रखी थी. शख्स ने पहले 2 लाख रुपये की डिमांड की. नहीं देने पर पर फर्जी एनकाउंटर की धमकी.
व्यापारी ने पुलिस को दी जानकारी
संदीप सिंह ने आगे बताया जिस वक्त यह शख्स आया था, उस दौरान उनके यहां उनके एक मित्र आए हुए थे. शख्स के फर्जी आईपीएस होने का शक सबसे पहले उन्हें ही हुआ. उन्होंने कहा कि इस पुलिस अधिकारी को तो हमने कभी क्षेत्र में नहीं देखा. ऐसे में हम पीपीगंज थाने गए और इस वाकये की जानकारी पुलिस को दी.
गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निकला क्लर्क
पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी. शनिवार यानी 17 जनवरी को आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया. उसने पुलिस को जो बताया वह हैरान करने वाला था. पुलिस के मुताबिक फर्जी आईपीएस पीपीगंज के ही वार्ड नंबर-1 अंबेडकर नगर का रहने वाला शनि वर्मा है. यह कोई अधिकारी नहीं है बल्कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के एक विभाग में क्लर्क पद पर तैनात है. फिलहाल, वह किसी मामले में निलंबित चल रहा है. आरोपी शनि वर्मा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने दो अन्य व्यक्तियों से भी रंगदारी मांगी थी.
एक बार हो चुका है लापता
बता दें इससे पहले शनि वर्मा अगस्त 2025 में भी लापता हो गया था. शनि के लापता होने का मुकदमा कैंट थाने में उसके भाई ने दर्ज कराया था. उस वक्त पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ था कि शनि ने कई लोगों से उधार रुपए ले रखे थे, इसलिए डर के चलते कहीं जाकर छिप गया था.