दिल्ली का चक्कर खत्म! ग्रेटर नोएडा-फरीदाबाद के बीच बनेगी सीधी सड़क; आया बड़ा अपडेट
ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच सीधा सड़क संपर्क जल्द साकार होगा. यह परियोजना दिल्ली के चक्कर से निजात दिलाकर लाखों लोगों का समय और ईंधन बचाएगी. इससे जेवर एयरपोर्ट तक भी पहुंच आसान हो जाएगी. इस परियोजना पर करीब 66 करोड रुपए खर्च होंगे.
ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच सीधी सड़क कनेक्टिविटी का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है. यमुना नदी पर बने मंझावली पुल को ग्रेटर नोएडा से जोड़ने वाले 1.7 किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग का निर्माण मानसून के बाद शुरू होने की उम्मीद है. पीडब्ल्यूडी ने किसानों से खरीदी गई जमीन का कब्जा लेना शुरू कर दिया है.
लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुताबिक इस परियोजना पर करीब 66 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस सड़क के बनने से दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. साथ ही दिल्ली होकर लंबा चक्कर लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी. बारिश खत्म होने के बाद मिट्टी भराव का काम शुरू होगा और सड़क निर्माण में तेजी आएगी.
करीब 1.7 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क बनेगी
परियोजना के तहत करीब 1.7 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क बनाई जाएगी. इसके अलावा लगभग एक किलोमीटर लंबी मौजूदा सड़क को चौड़ा और बेहतर किया जाएगा. यह संपर्क मार्ग मंझावली पुल से जुड़कर ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच सीधा रास्ता उपलब्ध कराएगा. साथ ही ग्रेटर नोएडा की ओर पहले से बनी सड़क की मरम्मत भी की जाएगी.
अभी फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा आने-जाने वाले लोगों को दिल्ली या ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर से लंबा रास्ता तय करना पड़ता है. नई सड़क बनने के बाद यह दूरी और सफर का समय दोनों कम होने की उम्मीद है. इसके अलावा नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद फरीदाबाद से जेवर तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा.
करीब 36 साल पुरानी योजना को मिलेगी रफ्तार
जानकारी के मुताबिक, यह योजना करीब 36 साल पहले बनाई गई थी. इसका उद्देश्य यूपी और हरियाणा के बीच आवागमन को आसान बनाना था. साल 2014 में इस परियोजना को गति मिली और हरियाणा की ओर सड़क का निर्माण काफी पहले पूरा हो गया था. लेकिन यूपी की सीमा में केवल 1.7 किलोमीटर सड़क न बनने से यह सालों तक अधूरी पड़ी रही.
अब जमीन की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद इस अधूरे हिस्से के निर्माण की उम्मीद जगी है. सड़क निर्माण के लिए करीब 130 किसानों से जमीन ली जा चुकी है और विभाग ने जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. फिलहाल मानसून के कारण यमुना खादर क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता, बारिश खत्म होने के बाद इसमें तेजी आएगी.
