बच्चों की गवाही से खुला पिता की हत्या का राज, दो साल बाद मां और प्रेमी को उम्रकैद
ग्रेटर नोएडा में एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी. अदालत ने बच्चों की निर्णायक गवाही के आधार पर दोनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. बच्चों ने अपनी मां और उसके प्रेमी को आपत्तिजनक स्थिति में देखा था, और पिता को इसकी जानकारी दी थी.
जिस घर में बच्चों को मां की गोद में सुकून और पिता की छांव में सुरक्षा मिलनी चाहिए थी. वहीं करीब 2 साल बाद पहले हुई हत्या की वारदात का सच अब अदालत में बच्चों की गवाही से सामने आया है. ग्रेटर नोएडा के बिरोड़ी गांव में जुलाई 2026 को हुए महेश हत्याकांड में अदालत ने मृतक की पत्नी पूजा और उसके प्रेमी प्रहलाद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोनों पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.
मामले में सबसे अहम गवाही मृतक के नाबालिग बच्चों की रही. अभियोजन के मुताबिक, प्रहलाद परिवार के संपर्क में था. घटना वाले दिन बेटी ने अपनी मां पूजा और प्रहलाद को आपत्तिजनक स्थिति में देखने के बात अदालत में बताई. साथ कहा कि इसकी जानकारी अपने पिता महेश को दी थी. इसी बात को लेकर महेश और प्रहलाद के बीच विवाद हुआ.
आरोपी प्रहलाद महेश पर कैची से किया था वार
अभियोजन के अनुसार, विवाद के दौरान प्रहलाद ने कैची से महेश पर हमला कर दिया. बच्चों ने अदालत में घटना के संबंध में गवाही दी और प्रहलाद पर अपने पिता की हत्या करने का आरोप लगाया. अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा की पूजा और प्रहलाद के बीच संबंधों का महेश विरोध करता था और इसी विवाद के चलते हत्या की गई.
पुलिस के मुताबिक, महेश अपनी पत्नी पूजा और तीन बच्चों के साथ बिरोड़ी गांव के सुलभ शौचालय परिसर में रहता था और वहां केयरटेकर के तौर पर काम करता था. वह 1 जुलाई 2024 को शौचालय की छत पर मृत अवस्था में मिला था, जिसके बाद बीटा 2 थाने में पूजा और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी.
दो साल बाद आया अदालत का फैसला
जांच के दौरान पुलिस ने मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी प्रहलाद को गिरफ्तार किया. विवेचना में दोनों के बीच संबंध और महेश की हत्या के पीछे विवाद की बात सामने आई. इसके बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां अभियोजन पक्ष ने गवाहों और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी पर आरोप साबित करने की जोरदार अपील की.
मामले की सुनवाई के बाद तृतीय न्यायालय द्वितीय सत्येंद्र सिंह की अदालत ने पूजा और प्रहलाद को हत्या का दोषी मानते हुए दोनों को उम्र कैद की सजा सुनाई. अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है. इस मामले में बच्चों की गवाही को अभियोजन की ओर से महत्वपूर्ण साक्षी के तौर पर पेश किया गया था.
