हापुड़ में अधिकारियों-ठेकेदारों की लापरवाही ने ले ली जान, बिना बैरिकेडिंग-चेतावनी के खोदे गए गड्ढे में जा गिरा युवक
हापुड़ क़े पिलखुआ कोतवाली क्षेत्र के अचपलगढ़ी में पिलखुवा-फगौता मार्ग पर निर्माणाधीन एक गहरे गड्ढे में बाइक गिरने से 42 वर्षीय विपेंद्र की दर्दनाक मौत हो गई.इस हादसे ने एक बार फिर सड़क निर्माण के दौरान बरती जा रही घोर लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर किया है.फिलहाल, लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
देश की राजधानी दिल्ली से मात्र 55 किलोमीटर दूर एनसीआर के हापुड़ में अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही से दर्दनाक हादसे में बाईक व्यक्ति की मौत हो गई.बाइक सवार के मौत से इलाके में सनसनी फैल गई.हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला है.पुलिस ने प्रकरण में ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा जांच पड़ताल कर रही है.
ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज
दरअसल देश की राजधानी दिल्ली से मिली जुली एक घटना में यूपी क़े जनपद हापुड़ के पिलखुआ कोतवाली क्षेत्र के अचपलगढ़ी से सामने आई है. जहां गांव क़े रास्ते मे पिलखुवा-फगौता मार्ग पर निर्माणाधीन एक गहरे गड्ढे में बाइक गिरने से 42 वर्षीय विपेंद्र की दर्दनाक मौत हो गई. इस हादसे ने एक बार फिर सड़क निर्माण के दौरान बरती जा रही घोर लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर किया है.पूरे मामले में लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया.
बिना बैरिकेडिंग-चेतावनी के खोदा गया था गड्ढे
मृतक विपेंद्र थाना पिलखुआ कोतवाली क्षेत्र क़े अचपलगढ़ी के निवासी थे, जो जरूरी कार्य करने क़े बाद पिलखुवा-फगौता मार्ग से गुजर रहे थे.आरोप है कि सिद्धिविनायक हॉस्पिटल के निकट सड़क निर्माण के कार्य के दौरान खोदे गए इस गहरे गड्ढे के आसपास नहीं तो पर्याप्त सुरक्षा थी हुए ना ही बैरिकेडिंग की गई थी और न ही किसी प्रकार के चेतावनी संकेत लगाए गए थे.इसी लापरवाही का परिणाम यह हुआ कि विपेंद्र अपनी बाइक सहित सीधे गड्ढे में जा गिरे और उनकी गर्दन मिट्टी क़े टीले से लफड़ा गयी और टूट गयी.
अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ भारी रोष
गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल सिद्धिविनायक हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने विपेंद्र को मृत घोषित कर दिया.पुलिस उन्हें नजदीकी रामा हॉस्पिटल ले गई, जहां भी उनकी मौत की पुष्टि की गई. इस घटना ने मृतक के परिवार में मातम का माहौल उत्पन्न कर दिया है.विपेंद्र अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं.क्षेत्र के स्थानीय लोगों में निर्माण एजेंसी के प्रति गहरा रोष है.उन्होंने इस मामले में निर्माण एजेंसी की लापरवाही की गहन जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है.
दिल्ली के जनकपुरी में भी हुई थी ऐसी घटना
बताया जा रहा है कि ऐसी ही घटना पूर्व मे दिल्ली के जनकपुरी इलाके में हुई थी.यह घटना उसी घटना की याद दिलाती है, जहां जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक गहरे गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय बैंक कर्मचारी कमल की जान चली गई थी.उस हादसे का कारण भी पर्याप्त रोशनी और चेतावनी बोर्ड की अनुपस्थिति बताया गया था.
