किसने कुतरे शवों के आंख-कान? मेडिकल कॉलेज ने दी ये सफाई, झांसी में मच गया बवाल

झांसी मेडिकल कॉलेज मोर्चरी में रखे शवों के आंख-कान कुतरने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. परिजनों ने चूहों द्वारा शवों की बेकदरी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने चूहों की बात को नकारते हुए कीड़े-मकोड़ों की आशंका जताई है. यह घटना रखरखाव और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिस पर बवाल मचा हुआ है.

झांसी मेडिकल कॉलेज में शवों की बेकदरी पर बवाल

उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कालेज में शवों की बेकदरी का मामला सामने आया है. यहां मोर्चरी में रखे कई शवों के आंख, कान और नाक आदि चूहों ने कुतर दिए हैं. परिजनों ने इस बात पर हंगामा किया. मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाए. इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सफाई दी है. कहा कि शव फ्रीजर में रखे थे और वहां चूहे पहुंच ही नहीं सकते. ऐसे में बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर शवों के आंख-कान किसने कुतरे?

फिलहाल मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखे एक महिला के शव को लेकर बवाल मचा है. इस शव की आंखें और कान कुतरे हुए मिले हैं. महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने शवों के रखरखाव में लारवाही बरती है. इसके चलते चूहों ने शव को कुतर दिया है. इन आरोपों पर बवाल बढ़ा तो मेडिडिकल कॉलेज के सीएमएस सामने आए. उन्होंने सफाई दी कि शव फ्रीजर में रखे थे और वहां चूहों का पहुंचना नामुमकिन है. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि छोटे-छोटे कीड़े मकोड़े या कॉकरोच ने शवों को नुकसान पहुंचाया हो.

जहर खाने से हुई थी महिला की मौत

जानकारी के मुताबिक झांसी के गुर सराय थाना क्षेत्र में रहने वाली 27 वर्षीय महिला क्रांति पटेल ने हाल ही में संदिग्ध परिस्थिति में जहरीला पदार्थ खा लिया था. उन्हें परिजनों ने महारानी लक्ष्मी बाई मेडिमेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए मोर्चरी भेज दिया था. शनिवार को जब शव पोस्टमार्टम के लिए फ्रीजर से निकाला गया तो शव कुतरा हुआ था. शव की यह हालत देखते ही परिजनों ने हगामा शुरू कर दिया.

शव के साथ बेकदरी का आरोप

मृत महिला के परिजनों ने मोर्चरी में शवों के साथ बेकदरी का आरोप लगाया. कहा कि मेडिकल कालेज की मोर्चरी में रखे फ्रीजर में भी शव सुरक्षित नहीं है. कहा कि शव को फ्रीजर में रखने के लिए यहां तैनात कमचारियों ने उनसे 400 रुपये भी लिए थे. उस समय उन लोगों ने शव को सुरक्षित रखवाया और पोस्टमार्टम कराने के लिए पहुंचे तो शव पर कई जख्म मिले. आंखे, कान और हाथ चूहों ने कुतर लिए थे. इस संबंध में शिकायत की गई तो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मामले को टालने की कोशिश की.

मेडिकल कॉलेज ने ये दी सफाई

मेडिकल कॉलेज के सीएमएस सचिन माहौर ने इस मामले में सफाई दी. कहा कि फ्रीजर में चूहों के घुसने की जगह ही नहीं होती. ऐसे में चूहों द्वारा शव कुतरने का सवाल ही पैदा नहीं होता. हो सकता है कि छोटे-छोटे कीड़े मकोड़ों ने शव खाया हो. उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले की जांच कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि फिलहाल इस संबंध में कुछ भी नहीं कहा जा सकता. उधर, परिजनों ने इस मुद्दे को लेकर बड़ा बवाल शुरू कर दिया है.