प्राइमरी स्कूल में शर्मनाक हरकत करते नजर आए टीचर, वायरल हुआ वीडियो; जांच के आदेश
वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि बच्चे क्लासरूम से बाहर निकल रहे हैं. थोड़ी ही देर बाद यहां तैनात एक सहायक अध्यापक और सहायक अध्यापिका आते हैं और काफी देर तक आपत्तिजनक हरकत करते दिखाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी और ने नहीं, बल्कि खुद शिक्षक की पत्नी ने ही बनाया है.
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक स्कूल का बेहद शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक महिला और पुरूष टीचर अश्लील हरकत करते नजर आ रहे हैं. मामला कन्नौज के एक प्राथमिक विद्यालय का है. वायरल वीडियो पर संज्ञान लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं. बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब छह महीने पुराना है, लेकिन किसी ने इसे अब सोशल मीडिया में अपलोड किया है.
वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि बच्चे क्लासरूम से बाहर निकल रहे हैं. थोड़ी ही देर बाद यहां तैनात एक सहायक अध्यापक और सहायक अध्यापिका आते हैं और काफी देर तक आपत्तिजनक हरकत करते दिखाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी और ने नहीं, बल्कि खुद शिक्षक की पत्नी ने ही बनाया है. सूत्रों के मुताबिक टीचर की हरकतों पर उनकी पत्नी को पहले से संदेह था. इसलिए इन्हें रंगे हाथ पकड़ने के लिए उन्होंने क्लासरूम में चुपके से एक हिडन कैमरा लगवा दिया था.
पहले से दर्ज है मुकदमा
बताया जा रहा है कि इस वीडियो के आधार पर टीचर की पत्नी ने पुलिस में पहले ही मुकदमा दर्ज करा दिया था. चूंकि अब यह वीडियो सोशल मीडिया में आया है, इसलिए बवाल मच गया है. वायरल वीडियो में दोनों टीचर स्वेटर पहने हुए हैं, इसलिए जाहिर हो रहा है कि यह घटना जाड़े के दिनों की हो सकती है. इस स्कूल में एक तैनात एक अन्य टीचर के मुताबिक वीडियो में दिख रहे टीचर यहां वर्ष 2018 से तैनात हैं. वहीं महिला टीचर की पोस्टिंग साल 2020 में हुई थी.
जांच के आदेश
वायरल वीडियो पर संज्ञान लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने पर इस संबंध में कार्रवाई होगी. फिलहाल इस घटना ने विद्यालय की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वीडियो वायरल होने के बाद गांव में भी नाराजगी का माहौल है. कई अभिभावकों ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों का नाम कटवाने की बात कही है. कहा कि विद्यालय का माहौल खराब हो गया है और इसका बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
