UP में हीट वेव का असर: अस्पतालों में मरीजों की भीड़, डॉक्टर ने बताया कैसे करें बचाव?

उत्तर प्रदेश में हीट वेव का असर दिखना शुरू हो गया है. अस्पतालों में लू के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. रोजाना करीब 300 से 400 मरीज स्किन एलर्जी, फंगल इन्फेक्शन और सनबर्न की शिकायत लेकर ओपीडी में पहुंच रहे हैं.

गर्मी से जूझ रहे यूपी वाले

कानपुर में भीषण गर्मी ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पसीने और तेज धूप के चलते लोगों को स्किन एलर्जी और इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एलएलआर (हैलेट) अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों त्वचा संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों का तांता लगा हुआ है.

ओपीडी में बढ़े स्किन के मरीज

​एलएलआर अस्पताल के वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. डी पी शिवहरे के मुताबिक, मौसम बदलते ही ओपीडी में मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है. वर्तमान में रोजाना करीब 300 से 400 मरीज स्किन एलर्जी, फंगल इन्फेक्शन और सनबर्न की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. डॉक्टर शिवहरे ने बताया कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, शरीर से पसीना अधिक निकल रहा है, जो कई बीमारियों की जड़ बन रहा है.

पसीने के चलते फंगल इन्फेक्शन भी फैल रहा है

विशेषज्ञों के अनुसार, पसीने की वजह से शरीर के ढके हुए हिस्सों में लाल रंग के छोटे-छोटे दाने यानी घमौरियां निकल रही हैं. साथ ही शरीर के जोड़ों और फोल्ड्स में पसीने की नमी जमा रहने से फंगल इन्फेक्शन भी तेजी से फैल रहा है. इसमें शरीर पर गोल लाल चकत्ते पड़ जाते हैं, जिसके चलते असहनीय खुजली होती है. इसके अलावा ​एक्ने और डैंड्रफ की भी स्थिति देखी जा रही है.

दरअसल, पसीने के कारण रोमछिद्र ब्लॉक हो रहे हैं, उससे चेहरे पर कील-मुंहासे और सिर में डैंड्रफ की समस्या बढ़ गई है. भीषण गर्मी से ​सन एलर्जी भी हो रही. इसमें तेज धूप के सीधे संपर्क में आने वाले हिस्सों, जैसे चेहरे और हाथों पर बारीक दाने और जलन देखी जा रही है.

खेती-किसानी का काम करने वालों में सबसे ज्यादा समस्या

ओपीडी में एक खास रुझान उन मरीजों में देखा जा रहा है जो खेती-किसानी से जुड़े हैं. डॉ. शिवहरे ने बताया कि वर्तमान में खेतों में कटाई का सीजन चल रहा है. हवा में उड़ने वाला भूसा और पौधों के बारीक कण पसीने के साथ शरीर पर चिपक जाते हैं, जो गंभीर एलर्जी का कारण बन रहे हैं. चूंकि फंगल इन्फेक्शन संक्रामक है, इसलिए कई मामलों में पूरा परिवार ही इस बीमारी की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहा है.

इस मौसम में स्किन इंफेक्शन से कैसे बचें

डॉक्टर शिवहरे ने बताया कि इस मौसम में साफ-सफाई और सही खान-पान ही सबसे बड़ा बचाव है. सबसे पहले हाइजीन का खास ध्यान रखें. पसीने से बचने के लिए सुबह-शाम नहाएं और हमेशा ढीले व सूती कपड़े पहनें. शरीर में पानी की कमी न होने दें. दिन भर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं.

​डॉक्टर शिवहरे ने कहा कि इस भीषण गर्मी में तबीयत ना खराब हो इसके लिए डाइट में भी बदलाव करें. तली-भुनी चीजों, अधिक मिठाई और स्ट्रीट फूड से परहेज करें. आहार में ताजे मौसमी फल, सलाद और हरी सब्जियों को शामिल करें. शरीर पर किसी भी तरह के चकत्ते या दाने दिखने पर खुद डॉक्टर बनने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें.

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