कानपुर: कुशाग्र हत्याकांड में हत्यारों को डबल उम्रकैद, दिन-दहाड़े अपहरण कर किया था कत्ल
कानपुर के चर्चित कुशाग्र कनोड़िया हत्याकांड में कोर्ट ने तीनों दोषियों को डबल आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यह फैसला कुशाग्र के पिता के जन्मदिन पर आया, जो न्याय की एक अनूठी घड़ी थी. अक्टूबर 2023 में छात्र कुशाग्र का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी.
कानपुर के चर्चित छात्र कुशाग्र कनोड़िया हत्याकांड के आरोपियों को कोर्ट ने डबल उम्रकैद की सजा सुनाई है. गुरुवार को कुशाग्र के पिता मनीष कनोड़िया के जन्मदिन पर उनके बेटे के हत्यारों को सजा सुनाई गई है. कोर्ट ने तीनों अपराधियों को डबल उम्रकैद की सजा सुनाई, सभी को दो अलग-अलग धाराओं में कोर्ट ने सजा सुनाई है.
कानपुर के कारोबारी मनीष कनोड़िया का 16 वर्षीय बेटा कुशाग्र को अक्टूबर 2023 में अपहरण कर हत्या कर दी गई थी. कुशाग्र ट्यूशन पढ़ने गया था. इस दौरान उसे बहला फुसला कर अपहरण कर लिया गया. पुलिस की जांच में पता चला कि कुशाग्र की पुरानी टीचर रचिता, उसके प्रेमी प्रभात और साथी शिवा ने पैसों के लिए इस घटना को अंजाम दिया.
कुशाग्र की मां ने फांसी की सजा की मांग की
कानपुर में दिन-दहाड़े अपहरण और उसके बाद बेरहमी से हत्या ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था. दो साल से ज्यादा समय बाद भी इस हत्याकांड की सुनवाई एडीजे-11 की अदालत में तेजी से चल रही थी. डीजीसी दिलीप अवस्थी ने बताया कि कोर्ट ने तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि इस मामले में कई गवाहियां हुई और अभियोजन ने मजबूती से अपना पक्ष रखा. जिसके बाद कोर्ट ने तीनों को हत्या का दोषी मानते हुए डबल उम्रकैद की सजा सुनाई है. एडीजे 11 की कोर्ट ने जब सजा सुनाई तो कुशाग्र की मां चीत्कार मारकर रोने लगी. उन्होंने कहा कि यह अधूरा न्याय है और फांसी की सजा की मांग की.
बचाव पक्ष ने आरोपियों की कम उम्र का हवाला दिया
कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष से सजा के बिंदु पर अपनी बात रखने की बात कही. इस पर अभियोजन की तरफ से डीजीसी दिलीप अवस्थी ने कहा कि यह जघन्य अपराध है इसलिए फांसी की सजा होनी चाहिए. वहीं बचाव पक्ष ने आरोपियों की कम उम्र का हवाला देते हुए कम सजा की मांग की. वहीं, फैसले के बाद व्यापारियों ने भी फांसी की मांग की है.
