अविमुक्तेश्वरानंद विवाद: डिप्टी CM बोले- संत का अपमान करने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रयागराज में माघ मेला प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच विवाद जारी है. इस बीच उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शंकराचार्य से हाथ जोड़कर इस मुद्दें को खत्म करने की प्रार्थना की है. उन्होंने शंकराचार्य से संगम स्नान करके अपना विरोध समाप्त करने की अपील की है.
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को शंकराचार्य विवाद पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने शंकराचार्यों से हाथ जोड़कर प्रार्थना की है कि वे संगम स्नान करके इस विषय को यहीं समाप्त करें. उपमुख्यमंत्री ने संतों के अनादर की बात को खारिज करते हुए कहा कि यदि किसी ने ऐसा किया होगा तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी.
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, ‘पूज्य संत, आचार्य, शंकराचार्य या किसी भी संत का हमारे यहां अनादर करने का नहीं है, अगर कोई ऐसा किया होगा तो जांच करके कार्रवाई करेंगे.’ उन्होंने कहा कि लेकिन अभी पहले यह है भगवान शंकराचार्य के चरणों में प्रार्थना करता हूं जो भी विरोध है उसको समाप्त करके संगम स्नान करके अपना विरोध समाप्त करें.’
प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस भेजा
हालांकि, प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है. मौनी अमावस्या के दिन प्रशासन द्वारा शंकराचार्य के रथ को संगम नोज पर जाने के रोका गया था. इस दौरान शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ा, जिसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को बिना स्नान किए वापस लौटना पड़ा था.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इस घटना के बाद से प्रयागराज में अपने शिविर में धरने पर बैठे गए. इस बीच प्रशासन ने उन्हें अपने नाम के आगे शंकराचार्य लिखने को लेकर नोटिस भेज दिया, जिसपर मामला और गरमा गया. वहीं, अब 48 घंटे के अंदर प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस भेजा, इसमें मेला क्षेत्र में प्रवेश रोकने की चेतावनी दी गई.
संस्था को दी गई भूमि निरस्त करने की भी चेतावनी
प्रयागराज माघ मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ मौनी अमावस्या के दिन बैरियर तोड़ने और जबरन भीड़ में बग्घी घुसाने का आरोप लगाया है. साथ ही शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं, कहना है कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. इस बीच दूसरा नोटिस भेजकर उनकी संस्था को दी गई भूमि निरस्त करने की चेतावनी दी.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे प्रशासन की पूर्व सुनियोजित अभद्रता करार दिया है. साथ ही संतों का अपमान और उनके साथ बेरहमी से मारपीट का आरोप लगाया. उन्होंने मीडिया के सामने बकायादा पोस्टर जारी कर गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमा और डीएम मनीष वर्मा पर स्नान से रोकने का आरोप लगाया.
