‘योगी जी, नमकीन ले लीजिए…’ कौन है ये नन्हीं वाची? जिसे देखते ही रुक जाते हैं CM

मुरादाबाद की नन्हीं वाची और उसके परिवार की नमकीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिल जीत लिया. लखनऊ में MSME प्रदर्शनी में वाची ने अपनी मूंग दाल की नमकीन CM को भेंट की. यह कहानी CM योगी और वाची के पुराने जुड़ाव को भी उजागर करती है.

CM योगी के साथ मुरादाबाद की वाची

लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक भव्य प्रदर्शनी इन दिनों अपनी अनूठी विशेषताओं और एक बेहद प्यारे वाकये को लेकर सुर्खियों में छाई हुई है. इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण मुरादाबाद से पहुंचे एक साधारण परिवार की नन्हीं बच्ची और उसकी मासूमियत भरी जिद रही, जिसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कदमों को रोक लिया और मुरादाबाद के स्वाद को एक नई पहचान दिला दी.

सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम (MSME) विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सजी इस प्रदर्शनी के दौरान जब मुख्यमंत्री विभिन्न व्यंजनों के स्टालों का अवलोकन करते हुए आगे बढ़ रहे थे, तभी मुरादाबाद के रहने वाले अमित कुमार सक्सेना के स्टाल के पास एक नन्ही आवाज गूंजी- “योगी जी, मूंग दाल की नमकीन ले लीजिए.”

यह आवाज कक्षा एक में पढ़ने वाली बेटी वाची की थी, जिसे सुनते ही मुख्यमंत्री ने न केवल अपने कदम रोके, बल्कि उसके स्टाल तक पहुंच गए. वाची ने अपनी मां प्रिया के हाथों से घर पर बनाई गई मूंग दाल की नमकीन का पैकेट मुख्यमंत्री को भेंट किया और बताया कि वे इसे घर पर बनाकर बेचते हैं. मुख्यमंत्री ने इस पारिवारिक उद्यम की सराहना करते हुए न केवल पैकेट स्वीकार किया है, बल्कि अपने संबोधन में भी इस वाकये का जिक्र कर सभी का दिल जीत लिया है.

स्वाद में भी नई मिसाल पेश कर रहा मुरादाबाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में इस नन्हीं बिटिया और उसके परिवार के स्वदेशी उत्पाद का जिक्र करते हुए इसके व्यावसायिक विस्तार पर जोर दिया. सीएम ने कहा कि ऐसे छोटे और पारंपरिक उद्यमों को यदि थोड़ी सी आधुनिक पैकेजिंग और बेहतर ब्रांडिंग के साथ जोड़ दिया जाए, तो ये देखते ही देखते एक बड़ा ब्रांड बन सकते हैं.

उन्होंने कहा कि मुरादाबाद, जो अपनी पीतल नगरी और कलात्मक उत्पादों के लिए पूरी दुनिया में अपनी एक खास पहचान रखता है, अब स्वाद के मामले में भी अपनी एक नई मिसाल पेश कर रहा है.

वाची के पिता 10 साल से इस कारोबार में हैं

वाची के पिता अमित पिछले दस वर्षों से मूंग की दाल का कारोबार कर रहे हैं और अपनी पत्नी प्राची के साथ अलग-अलग शहरों में लगने वाले मेलों में स्टाल लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. मेलों की इस बिक्री से उनकी मासिक आय तीस-चालीस हजार से लेकर एक लाख रुपये तक पहुंच जाती है.

मुख्यमंत्री द्वारा इस स्वदेशी व्यंजन की खुले मंच से प्रशंसा किया जाना और इस परिवार के उत्पादों को प्रमोट करना मुरादाबाद के मेहनतकश छोटे कारोबारियों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन गया है.

CM योगी से पहले भी मिल चुकी है वाची

वाची और मुख्यमंत्री योगी का यह जुड़ाव कोई पहला नहीं है. इससे पहले भी जनता दर्शन के दौरान वाची उनसे मिल चुकी है, जहां उसने अपनी पढ़ाई के लिए स्कूल में दाखिले की गुहार लगाई थी. मुख्यमंत्री ने उसकी उस मांग को तुरंत पूरा करवाते हुए मुरादाबाद के प्रतिष्ठित सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल में उसका एडमिशन सुनिश्चित कराया था.

इस बार जब वाची ने अपनी मां के हाथ की बनी नमकीन का पैकेट मुख्यमंत्री को सौंपा और सीएन ने उसके साथ स्नेहपूर्वक बातचीत कर सेल्फी ली, तो यह पल उस परिवार के लिए यादगार बन गया. मंच पर जब मुख्यमंत्री ने वाची और उसकी छोटी बहन आची को बुलाया और संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने उन्हें दुलारते हुए आर्थिक प्रोत्साहन दिया, तो उन नन्ही बच्चियों के साथ-साथ उनके माता-पिता के चेहरे भी खुशी से खिल उठे.

मुरादाबाद के एक छोटे से परिवार की यह कहानी आज न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है, जो यह साबित करती है कि शासन की संवेदनशीलता और आम जन की मेहनत जब आपस में मिलती है, तो सफलता के नए रास्ते खुद-ब-खुद खुल जाते हैं.

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