लेखपाल परीक्षा: लखनऊ में पेपर लीक की अफवाह निकली फर्जी, नकल माफिया पस्त
उत्तर प्रदेश में लेखपाल मुख्य परीक्षा के पेपर लीक की अफवाहें पूरी तरह फर्जी निकलीं. योगी सरकार की सख्ती, UPSSSC की सतर्कता और AI-बायोमेट्रिक जैसी उच्च तकनीक निगरानी ने नकल माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया. परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई, जिससे परीक्षार्थियों में विश्वास और बढ़ा है.
उत्तर प्रदेश में पेपर लीक और नकल माफियाओं पर योगी सरकार की सख्ती लगातार भारी पड़ रही है. इसका बड़ा उदाहरण हाल में आयोजित लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 में देखने को मिला, जहां सोशल मीडिया के जरिए पेपर लीक की अफवाह फैलाने की कोशिश हुई. लेकिन प्रशासन और आयोग की सतर्कता से साजिश पूरी तरह नाकाम साबित हुई.
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित लेखपाल मुख्य परीक्षा 21 मई को संपन्न हुई. कुल 7,994 लेखपाल पदों के लिए 3,01,756 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया. परीक्षा शुरू होते ही लखनऊ के ऐशबाग स्थित सेंटर पर पेपर लीक की अफवाह फैलाने की कोशिश की गई थी. लेकिन अब जांच में यह अफवाह पूरी तरह से फर्जी निकली.
पेपर लीक का शोर, हकीकत में निकली अफवाह
लखनऊ के ऐशबाग स्थित गोपीनाथ लक्ष्मणदास रस्तोगी इंटर कॉलेज को लेकर कुछ लोगों ने पेपर लीक की अफवाह फैलाने की कोशिश की थी. सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, आयोग और निगरानी टीमों ने तत्काल जांच शुरू की. जांच में साफ हुआ कि प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट पूरी तरह सीलबंद और सुरक्षित थीं. इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई.
दरअसल, एक कक्ष के कुछ अभ्यर्थी भ्रम की स्थिति में बाहर आ गए थे, जिसे कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर पेपर लीक का रंग देने की कोशिश की. अधिकारियों ने मौके पर स्थिति स्पष्ट की, जिसके बाद अभ्यर्थी वापस परीक्षा कक्ष में पहुंचे और परीक्षा शांतिपूर्वक जारी रही. नकल माफियाओं के पेपर लीक का शोर असल में एक फर्जी षडयंत्र निकली.
बायोमैट्रिक और AI ट्रैकिंग से नकल माफिया पस्त
इस बार परीक्षा की निगरानी पूरी तरह तकनीक आधारित रही. आयोग मुख्यालय से लेकर सभी परीक्षा केंद्रों तक कंट्रोल कमांड रूम के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की गई. प्रदेश में 18,883 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे. इसके अलावा 7,683 बायोमैट्रिक ऑपरेटर और 6,297 फ्रिस्किंग गार्ड तैनात किए गए थे. यही कारण रहा कि बुलंदशहर में एक संदिग्ध पकड़ लिया गया.
यूपी में योगी सरकार ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह बदलने की दिशा में सख्त कदम उठाए हैं. हाईटेक निगरानी, बायोमैट्रिक सत्यापन, एआई ट्रैकिंग और प्रशासनिक जवाबदेही ने नकल माफियाओं की कमर तोड़ दी है. लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 का शांतिपूर्ण आयोजन इस बात का संकेत है कि अब प्रदेश में भर्ती परीक्षाएं नए मॉडल पर आगे बढ़ रही हैं.