‘हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता’, सदन में बोले CM योगी; कहा- सपा को पूजना है तो पूजे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधान मंडल के बजट सत्र में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर बात की. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता है. साथ ही समाजवादी पार्टी को घेरते हुए कहा, 'अगर वह शंकराचार्य थे तो आप लोगों ने लाठीचार्ज क्यों किया था?'
उत्तर प्रदेश विधान मंडल के बजट सत्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बारर शंकराचार्य विवाद पर चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता, हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर के जहां-तहां वातावरण खराब नहीं कर सकता. कानून से ऊपर मैं भी नहीं हूं. सबको उन मर्यादाओं का पालन करना होगा.
मुख्यमंत्री ने इस दौरान समाजवादी पार्टी पर पाखंड और अव्यवस्था फैलाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भगदड़ जैसी स्थितियों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है. अगर वह शंकराचार्य थे तो क्यों आप लोगों ने वाराणसी में लाठीचार्ज किया था? क्यों FIR लॉज किया था, आप नैतिकता की बात करते हैं?
‘सपा को पूजना है तो पूजे, हम मर्यादित लोग हैं’
सीएम योगी ने कहा कि साढे चार करोड़ श्रद्धालु जहां पर आए हों, वहां पर जो एग्जिट गेट है जहां से श्रद्धालु स्नान करके बाहर निकल रहा है. उस मार्ग से किसी को बाहर निकलने का कोई हक नहीं. क्योंकि उससे अंदर जाने का कोई प्रयास करता है तो एक नए स्टैम्पेड को जन्म देता है, नई भगदड़ को जन्म देता है. श्रद्धालुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करता है.
उन्होंने कहा, ‘एक जिम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति कभी इस प्रकार का आचरण नहीं कर सकता, कभी नहीं कर सकता है. आपको पूजना है सपा के लोग तो पूजें, लेकिन हम लोग मर्यादित लोग हैं, कानून का शासन पर विश्वास करते हैं. कानून का शासन पालन करना भी जानते हैं, पालन करवाना भी जानते हैं. गुमराह करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.’
‘भारत के हर व्यक्ति को कानून को मानना चाहिए’
सीएम योगी ने कहा कि भारत के हर व्यक्ति को कानून को मानना चाहिए. हम कानून का पालन करना और करवाना, दोनों चीजों को एक साथ लागू करवाना जानते हैं. लेकिन इसके नाम पर आप लोग गुमराह करना बंद करिए. प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन यह विवाद जन्म लिया था, जब प्रशासन ने शंकराचार्य को पालकी से स्नान करने जाने से रोका था.