यूपी में पंचायत चुनाव का रास्ता साफ, OBC आरक्षण के लिए आयोग के गठन की मंजूरी
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की सबसे बड़ी अड़चन दूर हो गई. योगी सरकार ने समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है. आयोग में पांच सदस्य होंगे. इनका कार्यकाल नियुक्ति से लेकर 6 महीने का होगा.
योगी सरकार ने ग्रामीण स्थानीय निकायों (त्रिस्तरीय पंचायतों) में पिछड़े वर्गों (OBC) को अनुपातिक आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है. कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनाव के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है. यह फैसला न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में लिया गया है. आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य की त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत) में पिछड़ेपन की प्रकृति, उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों तथा वर्तमान स्थिति का अध्ययन करना है. इसके आधार पर OBC वर्ग को निकायवार आनुपातिक आरक्षण प्रदान करने की सिफारिश की जाएगी.
5 सदस्यों का आयोग, 6 महीने का रहेगा कार्यकाल
आयोग में पांच सदस्य होंगे. इसकी नियुक्ति राज्य सरकार पिछड़े वर्गों से संबंधित मामलों का विशेष ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों में से करेगी. इनमें से एक सदस्य उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे. उन्हें आयोग का अध्यक्ष बनाया जाएगा. आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल सामान्य रूप से नियुक्ति से 6 महीने का होगा. प्रदेश में फिलहाल उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1947 और उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 के तहत त्रिस्तरीय पंचायतों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान है.
पिछड़े वर्गों को अधिकतम 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान
1961 के तहत त्रिस्तरीय पंचायतों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के आरक्षण के लिए अलग-अलग नियमावलियां भी लागू हैं. संविधान के अनुच्छेद 243G के अनुरूप राज्य सरकार इन आरक्षणों को जनसंख्या अनुपात के आधार पर तय करती है. पिछड़े वर्गों के लिए अधिकतम 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है. हालांकि, उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसलों के मद्देनजर अब अधिक सटीक, डेटा आधारित और आयोग की सिफारिशों पर आधारित आरक्षण व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है. बता दें लंबे समय से पंचायत चुनावों को लेकर समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का इंतजार किया जा रहा था.
