किचन में बेसुध पड़े थे प्रतीक, तुरंत पहुंची थी मेडिकल टीम… डॉक्टर ने बताई पूरी टाइमलाइन
प्रतीक यादव की मौत के मामले में डॉक्टरों ने पूरी टाइमलाइन साझा की है. बताया गया कि जैसे ही सूचना मिली, मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और प्राथमिक जांच शुरू की गई. प्रतीक किचन में बेसुध अवस्था में पड़े मिले, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी. घटना के बाद परिवार और आसपास के लोग सदमे में हैं.
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का आज सुबह निधन हो गया. बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव पिछले कई महीनों से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे. वो पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे. फेफड़ों की इस गंभीर बीमारी को जानलेवा माना जाता हैं. इसमें खून का थक्का फेफड़ों की नसों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को अचानक रोक देता है. कुछ दिन पहले ही प्रतीक को एक निजी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था, जहां तीन दिन के इलाज के बाद प्रतीक खुद ही वापस घर आ गए थे.
प्रतीक यादव की मौत को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही सच्चाई का पता चलेगा. इस बीच सिविल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने प्रतीक यादव के निधन की पूरी टाइमलाइन बताई है. डॉ. जीपी गुप्ता के मुताबिक, ‘उन्हें सुबह 5:30 बजे फोन आया था कि प्रतीक यादव की तबियत खराब है… इसके बाद सिविल हॉस्पिटल से फार्मासिस्ट और एक अन्य स्टाफ प्रतीक के घर गए थे… मेडिकल टीम ने जब प्रतीक के वाइटल की जांच की तो कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा था. इसके बाद आनन-फानन में उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया.’
मेडिकल टीम के पहुंचने से पहले प्रतीक की हो चुकी थी मौत
डॉ. जीपी गुप्ता का कहना है, ‘सिविल हॉस्पिटल में भी प्रतीक यादव के वाइटल की जांच की गई तो कोई रिस्पांस न मिला… ईसीजी लिया गया तो सांस थम चुकी थी… इसके बाद प्रतीक यादव को ब्रॉटडेथ घोषित कर दिया गया यानी अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी… इसके बाद प्रतीक यादव के साथ आए लोग उनके शव को घर ले जा रहे थे, तभी किसी का फोन आया और पोस्टमॉर्टम कराने की बात कहने लगे.. हमने उनका शव फिर अस्पताल के अंदर रखा और बाद में KGMU के पोस्टमॉर्टम हाऊस के लिए भेज दिया गया.’
मौत की वजह क्या है?
प्रतीक यादव की मौत पर कई तरह के सवाल उठ रहे थे. इस पर सिविल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने साफ किया कि उन्होंने प्रतीक की मौत के कारणों पर कुछ नहीं कहा… उनके साथ आए लोगों ने ही पोस्टमॉर्टम कराने की बात कही थी… अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सब साफ हो जाएगा कि वजह क्या थी. फिलहाल, खबर लिखे जाने तक प्रतीक यादव के शव का पोस्टमॉर्टम हो चुका है, लेकिन अभी रिपोर्ट सामने नहीं आई है. प्रतीक का शव अभी मोर्चरी में ही है, जिसे दोपहर 1:30 बजे तक घर लाया जाएगा. थोड़ी देर पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे.
देर रात अचानक बिगड़ी थी तबियत तो लाए गए थे हॉस्पिटल
मौत से चंद घंटे पहले भी प्रतीक यादव की तबियत अचानक बिगड़ गई थी. रात 11 बजे तबीयत बिगड़ने के बाद प्रतीक को सिविल अस्पताल लाया गया था. कुछ देर बाद उन्हें आराम मिला तो वह घर चले गए थे. इससे पहले 30 अप्रैल को प्रतीक को गंभीर हालत में लखनऊ के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. 3 दिन बाद उन्हें थोड़ा आराम मिला.
बिसरा सुरक्षित, अपर्णा के आने का इंतजार
इस बीच केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है, ‘सुबह 9 से 11 बजे के बीच प्रतीक का पोस्टमॉर्टम हुआ है, केजीएमयू के दो डॉक्टर और सीएमओ के यहां से आए 4 डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया है, पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है, बिसरा सुरक्षित किया गया है, अपर्णा यादव के आने पर दोपहर 1.30 बजे प्रतीक का शव पीएम हाउस से विक्रमादित्य मार्ग ले जाया जायेगा.’ फिलहाल विक्रमादित्य मार्ग स्थित प्रतीक के आवास पर लोगों की भीड़ जुटने लगी है. मुलायम परिवार के शुभचिंतक और अपर्णा यादव के समर्थकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी है.