प्रतीक का पोस्टमॉर्टम; शरीर पर चोट के निशान नहीं लेकिन बिसरा-हार्ट को क्यों रखा गया सुरक्षित?
केजीएमयू में डॉक्टरों की 6 लोगों की टीम ने प्रतीक यादव का शव का पोस्टमॉर्टम किया. प्रारंभिक जांच के मुताबिक प्रतीक के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है. हालांकि, उनका बिसरा और हार्ट को डॉक्टर सुरक्षित रख लिया है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह
मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश के सौतेले भाई प्रतीक यादव का आज यानी बुधवार को निधन हो गया. लखनऊ के सिविल अस्पताल लाए जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई थी. यहां डॉक्टरों द्वारा ब्रॉट डेड घोषित करने के बाद उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए केजीएमयू लाया गया. यहां 6 डॉक्टरों की टीम ने उनके शव का पोस्टमॉर्टम किया. इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई है. प्रारंभिक जांच के मुताबिक प्रतीक के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं. हालांकि, उनका बिसरा और हार्ट को डॉक्टर सुरक्षित रख लिया है.
डॉक्टरों के कहना है कि अगर हार्ट अटैक आने पर व्यक्ति अस्पताल पहुंच जाता है तो इसकी साफतौर पर जानकारी मिल जाती है. लेकिन अगर मौत हो जाने के बाद व्यक्ति को अस्पताल लाया जाता है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती है. ऐसे में पोस्टमार्टम के दौरान हार्ट को निकाल कर जांच के लिए आगे भेजा जा जाता है. जांच के दौरान यह पता किया जाता है व्यक्ति के दिल में ऐसा कौन सा टॉक्सिन जमा था, जो हार्ट अटैक का कारण बना.
अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रतीक का हो गया था निधन
प्रतीक यादव को जब तक अस्पताल लाया गया था तब उनकी मौत हो चुकी थी. यही वजह है कि उनके हार्ट को डॉक्टरों ने सुरक्षित रख लिया. वहीं, विसरा को इसलिए सुरक्षित रखा गया है कि अगर शरीर में किसी तरह का प्वाइजन पाया जाता है, तो वह भी स्पष्ट हो जाएगा. फिलहाल प्रतीक के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं.
डॉक्टर ने बताया क्यों दिल को सुरक्षित रखना जरूरी
कानपुर मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ राहुल देव सचान ने बताया कि मौत के बाद किसी व्यक्ति का दिल सुरक्षित रखने के पीछे कई कारण होते है. सबसा पहला कारण यह पता करना होता है कि अगर अचानक हार्ट अटैक आया है तो क्यों आया. दूसरा ,उसकी मौत का एकदम सही वक्त पता चल जाता है. अगर मौत 48 घंटे के अंदर हुई है तो बिल्कुल सटीक समय पता चल जाएगा.
हॉर्ट पॉयजन की भी मिल जाती है जानकारी
डॉ राहुल देव सचान ने आगे बताया कि अगर कोई “हार्ट पॉयजन” है तो दिल की जांच करने के बाद उसकी भी जानकारी मिल जाएगी. एसके अलावा अगर दिल में फैट का कोई गोला बन गया था तो उस बारे में भी पता चल जाता है. यही वजह है कि अप्राकृतिक मौत के बाद दिल को सुरक्षित रखना बड़ा जरूरी है.
अपर्णा के बाद अखिलेश, डिंपल और शिवपाल पहुंचे प्रतीक के घर
बता दें प्रतीक बीते कुछ दिनों से बीमार थे. आज सुबह जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो पत्नी अपर्ण घर पर नहीं थीं. वह असम दौरे पर गई हुई थीं. पति की निधन की जानकारी मिलने के बाद वह लखनऊ पहुंच चुकी है. फिलहाल प्रतीक का शव विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित उनके आवास पहुंच गया है. अपर्णा के बाद अखिलेश, डिंपल के अलावा उनके चाचा शिवपाल यादव भी प्रतीक के घर पहुंच चुके हैं.