UP चुनाव से पहले सपा का नया दांव! हर दिन मतदाता सूची की एक गड़बड़ी करेगी उजागर
समाजवादी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में खामियों को उजागर करने का अभियान शुरू किया है. सपा हर दिन एक नई विसंगति सार्वजनिक करेगी, जिसका उद्देश्य निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है। यह अभियान डुप्लीकेट और फर्जी मतदाताओं पर केंद्रित है.
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी (सपा) ने मतदाता सूची की खामियों को लेकर एक नया अभियान शुरू कर दिया है. पार्टी का फैसला है कि वह हर दिन मतदाता सूची की एक नई विसंगति को सार्वजनिक करेगी. सोमवार से ही इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है. इसमें सबसे पहले डुप्लीकेट मतदाताओं और नए मतदाताओं के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े पर फोकस किया जा रहा है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सपा का उद्देश्य एक पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करना है. हर दिन एक नए मामले या विसंगति को जनता और मीडिया के सामने लाकर पार्टी एक ओर सरकार को घेरने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर जमीनी स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय कर रही है.
सपा का कहना है कि हाल ही में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. इसमें अनुपस्थित, दूसरी जगह शिफ्ट हुए और मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. फॉर्म-6 भरवाकर नए मतदाता भी बनाए गए हैं. ऐसे में अब एक महीने के विशेष अभियान की जरूरत पार्टी को समझ में नहीं आ रही. खासकर तब, जब विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) भी होना है.
SIR के दौरान कई मतदाताओं ने शहर और गांव दोनों जगह की सूची में अपना नाम होने पर शहर से वोट कटवा दिया. हालांकि वे शहर में ही रहते हैं. सपा को आशंका है कि भाजपा इन मतदाताओं के नाम फिर से शहर में जुड़वा सकती है, जिससे वोट की डबलिंग दोबारा शुरू हो जाएगी और SIR पर खर्च हुए करोड़ों रुपये बेकार चले जाएंगे.
सपा के प्रदेश सचिव केके श्रीवास्तव ने कहा कि इस अभियान के दौरान सत्तापक्ष बड़ी गड़बड़ कर सकता है. इसलिए पार्टी चुनाव आयोग के दफ्तर में लगातार जाकर अपनी बात रखेगी.
वहीं, प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर में डुप्लीकेसी और एक से अधिक प्रविष्टियों को स्वतः पकड़ने की मजबूत व्यवस्था है. यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य स्थान की मतदाता सूची में पहले से पंजीकृत मिलता है, तो सॉफ्टवेयर उसे मैच या संभावित डुप्लीकेट के रूप में चिह्नित कर देता है.