शिक्षा मित्रों की पसंद के स्कूल में होगी पोस्टिंग! सरकार ने मानी मांग, रोस्टर बनाने में जुटा विभाग
योगी सरकार शिक्षामित्रों को जल्द ही पसंदीदा स्कूलों में पोस्टिंग का तोहफा देने जा रही है. बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है, जिससे शिक्षामित्रों की घर के पास तैनाती की पुरानी मांग पूरी होगी. इसके अतिरिक्त, मानदेय वृद्धि और कैशलेस चिकित्सा सुविधा पर भी सकारात्मक घोषणा की उम्मीद है. मंत्री संदीप सिंह ने शिक्षामित्रों को शिक्षा व्यवस्था की अनिवार्य कड़ी बताया है.
उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे शिक्षा मित्रों को योगी सरकार जल्द ही पसंद के स्कूलों में पोस्टिंग का तोहफा दे सकती है. हाल ही में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने शिक्षामित्रों को आश्वासन भी दिया है. इसमें उन्होंने कहा है कि उनकी हर उचित मांग को पूरा किया जाएगा. इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग ने पसंद के स्कूलों में शिक्षा मित्रों की तैनाती की कवायद शुरू कर दी है.
शिक्षामित्र इस संबंध में लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे. उनकी डिमांड थी कि उनकी पोस्टिंग घर के पास वाले स्कूलों में हो जाए. इससे उन्हें शिक्षा व्यवस्था में स्थायी जुड़ाव होगा. इसी के साथ, मानदेय वृद्धि और कैशलेस चिकित्सा सुविधा पर भी जल्द सकारात्मक घोषणा होने की उम्मीद है. विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री संदीप सिंह ने शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार शिक्षामित्रों को शिक्षा व्यवस्था की अनिवार्य कड़ी मानती है.
कैशलेस इलाज की सुविधा जल्द
उन्होंने शिक्षा मित्र सरकार के लिए समस्या नहीं, बल्कि समाधान हैं. शिक्षामित्रों की तैनाती यथासंभव उनके स्थानीय क्षेत्र में की जाएगी. इससे विद्यालय, समाज और शिक्षा के बीच स्वाभाविक जुड़ाव बना रहेगा. मंत्री ने स्पष्ट किया कि बेसिक शिक्षा विभाग इस दिशा में तैयारी शुरू कर चुका है, और मनचाही स्कूल में तैनाती की प्रक्रिया जल्द लागू होगी. मानदेय वृद्धि के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि इस पर काम चल रहा है. इस संबंध मैं कोई घोषणा नहीं करूंगा, लेकिन जल्द ही मुख्यमंत्री इससे जुड़ी खुशखबरी देंगे.
नाकारात्मकता छोड़ें शिक्षा मित्र
उन्होंने शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों की समस्याओं के प्रति सरकार की गंभीरता जताई. कैशलेस चिकित्सा सुविधा का जिक्र करते हुए मंत्री संदीप सिंह कहा कि जब यह प्रस्ताव आया तो मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसमें शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी शामिल किया जाए. इसकी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी. उन्होंने शिक्षा मित्रों से अपील करते हुए कहा कि नकारात्मकता छोड़कर सरकार के साथ मिलकर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दें.
