अब ये जातियां भी उठा सकेंगी मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ, योगी सरकार का बड़ा फैसला

योगी सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में अब तक नहीं शामिल की गई बची हुई अनुसूचित जनजातियों को भी जोड़ दिया है. बताया जा रहा है कि सरकार का ये पहल समाजिक न्याय कि दिशा में अहम साबित हो सकता है.

सीएम योगी आदित्यनाथ ( फाइल फोटो)

योगी सरकार ने ‘मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के दायरे को और अधिक बढ़ाने का फैसला लिया है. इस योजना में अब प्रदेश की उन सभी अनुसूचित जनजातियों को पात्रता सूची में शामिल किया है, जिन्हें अब तक पक्के आवास की सुविधा नहीं मिलती है. इसकी जानकारी देते हुए केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है.

साल 2018 में हुई थी यह योजना

सरकार के इस फैसले के बाद अब भोटिया, जौनसारी और राजी समेत प्रदेश की सभी शेष अनुसूचिच जनजातियां भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगी. बता दें कि मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरुआत साल 2018 में हुई थी. शुरुआत में इस योजना का फोकस वनटांगिया और मुसहर जैसी अति-पिछड़ी जातियों पर ही था. सरकार ने बाद में कोल, थारू, सहरिया, नट, चेरो, बैगा, बोक्सा, बंजारा और सपेरा जैसी करीब 18 अन्य जातियों को इस योजना में जोड़ा था.

योजना से जोड़ी गई ये जातियां

अब सरकार ने अन्य बची हुई अनुसूचित जनजातियों जैसे भोटिया, जौनसारी, राजी और गोंड को भी इससे जोड़ा है. इसमें गोंड की पर्याय जातियां धुरिया, ओझा, नायक, पठारी और राजगोंड और अन्य समूह जैसे खरवार, खैरवार, परहिया, पंखा, पनिका, अगरिया, पटारी, भुइयां और भुनियां को भी शामिल किया है. बताया जा रहा है कि सरकार का ये पहल समाजिक न्याय कि दिशा में अहम साबित हो सकता है.

गरीब परिवारों का सुधरेगा जीवनस्तर

योगी सरकार के इस फैसले से उन अनुसूचित जनजातियों के परिवारों को लाभ मिलेगा, जो कच्चे घरों या झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं. सरकार की तरफ से इन जातियों के लोगों का सर्वे कराकर उन्हें जल्द से जल्द ‘मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण योजना से जोड़ने का निर्देश दिया गया है. माना जा रहा है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. साथ ही इन जातियों के गरीब परिवारों को जीवनस्तर भी सुधरेगा.

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