पहले पति की मौत,अब पत्नी ने बेटे का क्यों बनाया डेथ सर्टिफिकेट? खुलासे पर मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के महोबा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां ने अपनी ही संपत्ति हड़पने के लिए जीवित बेटे का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया. पति ने अपनी मौत से पहले सारी संपत्ति बेटे के नाम कर दी थी. दादा की शिकायत पर एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं, जिससे तहसील और नगर पालिका में हड़कंप मच गया है.

सांकेतिक तस्वीर, इमेज सोर्स: AI

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में एक हैरान करने वाली घटना हुई है. यहां एक महिला ने अपने ही मासूम बच्चे का डेथ सर्टिफिकेट बनवा लिया. मामला बुंदेलखंड में महोबा जिले का है. खुलासा होने पर तहसील से लेकर नगर पालिका तक हड़कंप मच गया. एसडीए ने आनन फानन में मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपी मां अपने पति की संपत्ति हथियाना चाहती थी, लेकिन पति ने मौत से पहले ही अपनी सारी संपत्ति अपने नाबालिग बेटे के नाम कर दी थी.

ममता को कलंकित करने वाला यह मामला महोबा के महतवाना मोहल्ले का है. यहां रहने वाले हरीश चौरसिया की साल 2020 में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था. हरीश को अपनी पत्नी के चरित्र और नीयत पर संदेह था. इसलिए अपनी मौत से ठीक पहले उन्होंने अपने हिस्से की जमीन की वसीयत अपने नाबालिग बेटे पुष्पराज के नाम कर दी थी. इसमें अपनी पत्नी को बेटे का संरक्षक बनाया था.

फिर पत्नी ने चली ये चाल

आरोप है कि रजनी चौरसिया ने जमीन हथियाने के लिए साजिश रची. उसने जाल-साजी कर अपने ही 7 वर्षीय बेटे पुष्पराज चौरसिया को तीन मार्च 2019 में मौत दिखाकर मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया. यह प्रमाण पत्र सात साल बाद 7 जनवरी 2026 को बना है. फिर रजनी ने यही प्रमाणपत्र तहसील में दाखिल कर बेटे के नाम जमीन का वरासत अपने नाम कराने की कोशिश की. वरासत होने ही वाला था कि पुष्पराज के दादा कुंवर बहादुर को खबर हो गई.

दादा की शिकायत पर जांच के आदेश

इस खबर से कुंवर बहादुर हैरान रह गए. वह तत्काल एसडीएम के पास पहुंचे और लिखित शिकायत दी. उन्होंने बताया कि उनका बेटा पुष्पराज सात वर्ष का है और जिंदा है. वह एक निजी स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ाई कर रहा है. उन्होंने एसडीएम को बताया की पुष्पराज का मां रजनी ने उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर उसकी बेशकीमती जमीन हथियाने की कोशिश की है. यह शिकायत सुनकर एसडीएम भी हैरान रह गए. उन्होंने तत्काल मामले की जांच के आदेश दे दिए.

रजनी ने परिवार पर लगाए ये आरोप

उधर, पुष्पराज की मां रजनी ने अपने ही ससुराल वालों पर आरोप लगाए हैं. कहा कि उसने अपने बेटे का नाम युवांश रखा था, लेकिन ससुराल वालों ने उसका नाम बदलकर आधार कार्ड में पुष्पराज करा दिया. छह साल पहले पति की मौत के बाद उसे ससुराल में प्रताड़ित किया जाता था. उसे दो बेटी और एक बेटा है. उसके भी कुछ खर्चे हैं, लेकिन ये लोग बड़ी मुश्किल से उसे केवल खाना देते हैं.

रिपोर्ट: विराग पचौरी, महोबा, उत्तर प्रदेश

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