श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए कारसेवा का शंखनाद आज, यहां होगा शिलापूजन; जानें पूरा अपडेट
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के लिए कारसेवा का आज से शंखनाद हो रहा है. अयोध्या की तर्ज पर शुरू हुए इस अभियान में शिलापूजन के साथ मंदिर निर्माण की कवायद तेज होगी. गुलाबी पत्थरों पर नक्काशी का काम भी आज से शुरू होगा. प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए साधु-संतों को नोटिस भी जारी किए हैं. यह पहल जन्मभूमि विवाद को एक बार फिर चर्चा में ले आई है.
अयोध्या के राम जन्मभूमि की तर्ज पर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के लिए आज नौ अगस्त रविवार को कारसेवा का शंखनाद होगा. राजस्थान के भरतपुर से गुलाबी पत्थरों की खेप पहुंचने के बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की कवायद तेज हो गई है. राधाकुंड क्षेत्र स्थित चित्रकूट पीठ में हवन-यज्ञ और शिलापूजन के साथ कारसेवा की शुभारंभ किया जाएगा.
शिलापूजन कार्यक्रम में 13 अखाड़ों के साधु-संतों के साथ विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है. आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में एक हजार से अधिक लोग पहुंच सकते हैं. बाहर से आने वाले साधु-संतों और कार्यकर्ताओं का शनिवार की शाम से ही पहुंचना शुरू हो गया है. इन सभी को ठहराने और खाने पीने के इंतजाम किए गए हैं.
20 कारीगर पत्थरों पर करेंगे नक्काशी
कारसेवा के तहत ओडिशा से बुलाए गए 20 कारीगर गुलाबी पत्थरों पर नक्काशी का काम शुरू करेंगे. राजस्थान के भरतपुर से पहुंचाए गए इन पत्थरों को लेकर पहले ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. कार्यक्रम में शिला पूजन और हवन-यज्ञ के बाद पत्थरों पर नक्काशी का काम शुरू किया जाएगा. चित्रकूट पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने चार जुलाई को श्रीराम मंदिर निर्माण आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए 9 अगस्त से कारसेवा का ऐलान किया था.
प्रशासन ने साधु-संतों को जारी किए नोटिस
साधु संतों के ऐलान और कारसेवकों की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है. प्रशासन ने साध्वी रत्नप्रभा, कथावाचक देवकीनंदन महाराज समेत 12 साधु-संतों को रेड कार्ड नोटिस जारी किया है. प्रशासन की ओर से सभी से क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है. आयोजकों का कहना है कि आश्रम परिसर में ही हवन, शिला पूजन समेत अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
कृष्ण जन्मभूमि को लेकर बढ़ी हलचल
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर से जुड़ा विवाद लंबे समय से अदालतों में विचाराधीन है. ऐसे में प्रस्तावित कारसेवा के ऐलान ने इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. आज 9 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम में साधु-संतों की मौजूदगी, शिला पूजन और पत्थरों पर नक्काशी की शुरुआत को आंदोलन के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है.
