माघ मेले में ब्रह्म मुहूर्त में शुरू मौनी अमावस्या का स्नान, संगम की रेती पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त से ही करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई. सुरक्षा के लिए NDRF, SDRF, पुलिस व एटीएस कमांडो तैनात हैं. मेला प्रशासन ने चेंजिंग रूम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बाइक टैक्सी जैसी कई सुविधाएं दी हैं. 3 करोड़ से अधिक भक्तों की भीड़ को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं.
आज मौनी अमावस्या है. प्रयागराज माघ मेले में ब्रह्म मुहुर्त से ही ही श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा है. सिविल लाइंस से लेकर संगम तीर तक केवल लोग ही लोग नजर आ रहे हैं. संगम की ओर जाने वाले सभी रास्ते खचाखच भरे हैं. सुबह चार बजे से ही संगम में मौनी अमावस्या का स्नान शुरू हो चुका है. इस पवित्र अवसर पर गंगा में डुबकी लगाने के लिए शनिवार की शाम से ही संगम की रेती पर लाखों की तादात में श्रद्धालु पहुंच चुके थे. श्रद्धालुओं की इस संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी चौकस नजर आ रहा है.
माना जा रहा है कि आज शाम तक 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा सकते हैं. मेला प्रशासन ने व्यवस्था बनाने और किसी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए NDRF, SDRF, पीएसी और गोताखोरों की अलग अलग टीमें लगा दी हैं. वहीं एटीएस के कमांडो और खुफिया एजेंसियां भी मेले में तैनात हैं. मेले में हर संदिग्ध वस्तु या व्यक्तियों की सघन निगरानी हो रही है. माघ मेला अधिकारी ऋषि राज के मुताबिक स्नान के लिए साढ़े तीन किलोमीटर में घाट बनाए गए हैं. पूरे मेल क्षेत्र को सात सेक्टरों में बांट कर श्रद्धालुओं को निकटतम घाटों पर स्नान कराया जा रहा है.
घाटों पर बने हैं चेंजिंग रूम
मौनी अमावस्या पर बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए मेला प्रशासन ने बड़ी संख्या में चेंजिंग रूम आदि का निर्माण कराया है. इसके अलावा मेले में जगह जगह पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था है. उन्होंने बताया कि तीन से चार करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि जैसे जैसे लोग आते रहेंगे, आंकड़े अपडेट होते रहेंगे. उधर, एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट सेवा से राहत
प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के मुताबिक इस बार माघ मेला करीब 800 हेक्टेयर में बसाया गया है. यहां आने वालों की सुविधा के लिए 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं. वहीं साफ सफाई के लिए 3500 से अधिक सफाईकर्मी लगाए गए हैं. कल्पवासियों के लिए माघ मेला में टेंट सिटी बसाई गई है. इसमें ध्यान-योग आदि की सुविधाएं मौजूद हैं. स्टेशन या बस अड्डे से श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.
10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
मेले में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. वहीं भीड़ प्रबंधन एवं सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए 42 अस्थायी पार्किंग बनाई गई हैं. इसमें जिनमें लगभग एक लाख से अधिक वाहनों की पार्किंग हो सकती है. मेला अधिकारी के मुताबिक मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए शनिवार की शाम से ही श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी है.
