PM मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, अभी नहीं मिलेगी CNG; जानें क्या हैं सुविधाएं
गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो गया है. पीएम मोदी ने रिमोट का बटन दबाकर इस एक्सप्रेसवे का शुभारंभ किया है. हालांकि CNG वाहन चालकों के लिए अहम जानकारी यह है कि अभी यहां CNG पंप चालू नहीं हो सके हैं. उम्मीद है कि जल्द ही शुरू होंगे. प्रत्येक 100 किमी पर पेट्रोल पंप हैं. टोल सिस्टम डिजिटली मैनेज होगा, निकास पर प्रति किमी भुगतान करना होगा. कैमरे की निगरानी, रेस्ट एरिया और आपातकालीन सुविधाओं का पूरा इंतजाम है.
उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हरदोई के मल्लावां में उद्घाटन कर दिया है. उद्घाटन होते ही 594 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे के हरेक एग्जिट और एंट्री पॉइंट को खोल दिए गए हैं. माना जा रहा है कि कुछ ही देर बाद इस एक्सप्रेसवे पर वाहन दौड़ने लगेंगे. यदि आप भी इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने जा रहे हैं तो चढ़ने से पहले कुछ जानकारियों से अपडेट रहना जरूरी है. आपकी सुविधा के लिए इस खबर में हम पूरी डिटेल बता रहे हैं.
इस एक्सप्रेसवे को लेकर सबसे बड़ी सूचना यह है कि अभी तक इस पर कोई सीएनजी पंप चालू नहीं है. ऐसे में इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को थोड़ी मुश्किल हो सकती है. हालांकि हरेक 100 किमी पर पेट्रोल पंप बनाए गए हैं और इनमें ज्यादातर को आज दोपहर में चालू कर दिया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक सीएनजी पंप का काम भी तेज गति से चल रहा है. उम्मीद है कि एक दो दिन में गैस भी मिलने लगेगी. अगली अपडेट टोल को लेकर है. इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ते समय कोई टोल नहीं लगेगा. बल्कि आपकी गाड़ी की डिटेल डिजीटली सिस्टम में फीड हो जाएगी. इसके बाद जिस किसी एग्जिट से आप बाहर निकलेंगे, वहां प्रति किमी के हिसाब से टोल चुकाना होगा.
कैमरे की नजर में रहेंगे
इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ते ही सभी वाहन कैमरे की नजर में आ जाएंगे. इस एक्सप्रेसवे पर कैमरों को इस तरह से व्यवस्थिकिया गया गया है कि इस एक्सप्रेसवे का हरेक सेंटीमीटर कैमरे की जद में होगा. यहां लगे कैमरे डेढ़ किमी दूरी तक की क्लीयर तस्वीरें लेने में सक्षम हैं. टोल पर भी आपकी गाड़ी 500 मीटर पहले ही स्कैन हो जाएगी. इससे इस एक्सप्रेसवे पर अपराध या कोई भी अवैधानिक हरकत करने के बाद कोई बच नहीं पाएगा.
यात्री सुविधाओं का भी है पूरा ख्याल
इस एक्सप्रेसवे पर यात्री सुविधाओं का भी पूरा ख्याल रखा गया है. हर रेस्ट एरिया में होटल कम रेस्टोरेंट तो बने ही हैं, डीजल-पेट्रोल और सीएनजी पंप भी लगे हैं. इसके अलावा सभी टोल बूथों के अलावा रेस्ट एरिया में एंबुलेंस, इमरजेंसी किट और दवाइयों की व्यवस्था है. आवश्यकता पड़ने पर एंबुलेंस की मदद से गोल्डन पीरियड के अंदर घायलों को अस्पताल पहुंचाने की भी व्यवस्था है. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत डीबीएफओटी (टोल) आधार पर विकसित 593.947 किलोमीटर लंबे इस एक्सेस कंट्रोल्ड सिक्स लेन एक्सप्रेसवे पर टोल आज रात 12 बजे से कटना शुरू होगा.
37,000 करोड़ की आई लागत
उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से को पश्चिम से जोड़ने के लिए इस एक्सप्रेसवे का निर्माण करीब 37000 करोड़ की लागत से हुआ है. माना जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे से ना केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत में बड़ी कमी आएगी. इसी प्रकार बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से उत्तर प्रदेश में उद्योगिक क्रांति का माहौल बनेगा. इससे देशी विदेशी निवेशक उत्तर प्रदेश आने को मजबूर होंगे.