एक-एक पोल और गड्ढे पर नजर… कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ पुलिस की तैयारी
कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर मेरठ पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी पूरी कर ली है. एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि यात्रा मार्ग के हर बिजली पोल, गड्ढे और संवेदनशील स्थान का निरीक्षण कर उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है. गंगा घाटों पर गोताखोर, नाव और बैरिकेडिंग की व्यवस्था रहेगी. ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर से 24 घंटे निगरानी की जाएगी.
सावन महीने में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर मेरठ पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए इस बार तकनीक और आधुनिक निगरानी व्यवस्था का विशेष इस्तेमाल किया जाएगा. पुलिस प्रशासन यात्रा मार्ग की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है और हर संभावित खतरे को पहले ही खत्म करने की दिशा में काम किया जा रहा है.
मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे ने बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग का लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया जा रहा है. यात्रा मार्ग पर मौजूद प्रत्येक बिजली के पोल, सड़क के गड्ढे, टूटे हुए हिस्से और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थानों को चिह्नित कर संबंधित विभागों से उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
गंगा घाटों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा
एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि गंगा घाटों, नदी किनारों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैरिकेडिंग कराई जा रही है. इसके अलावा अपर गंगा कैनाल, सलावा जल और भोले की झाल जैसे प्रमुख स्थानों पर नावों के साथ प्रशिक्षित और प्रोफेशनल गोताखोरों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके.
डीजे और शिविर संचालकों को दिए जा रहे दिशा-निर्देश
कांवड़ यात्रा के दौरान निकलने वाली झांकियों और डीजे वाहनों को लेकर भी प्रशासन विशेष सतर्क है. पुलिस लगातार शिविर संचालकों, झांकी आयोजकों और डीजे संचालकों के साथ बैठकें कर रही है. एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि उत्तर प्रदेश के अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल से आने वाले डीजे संचालकों को भी सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जा रही है. यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं से बचाव के लिए डीजे की अधिकतम ऊंचाई जमीन से 12 फीट निर्धारित की गई है.
इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर से होगी 24 घंटे निगरानी
मेरठ पुलिस लाइन में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सीसीटीवी सेंटर स्थापित किया गया है. यहां से विशेषज्ञ टीम पूरे कांवड़ मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगातार निगरानी करेगी. यदि किसी भी स्थान पर भीड़ बढ़ने, अव्यवस्था, दुर्घटना या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो कंट्रोल सेंटर से तत्काल संबंधित पुलिस टीम को अलर्ट किया जाएगा, जिससे तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.
सोशल मीडिया पर भी रहेगी कड़ी नजर
एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सोशल मीडिया की निगरानी के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. मैट्रिक्स सॉफ्टवेयर की सहायता से फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखी जाएगी. इसके लिए दो विशेष टीमें 24 घंटे सोशल मीडिया मॉनिटरिंग करेंगी. यदि कोई सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
ड्रोन कैमरों से होगी हवाई निगरानी
कांवड़ यात्रा मार्ग के उन हिस्सों पर जहां दोनों ओर घनी आबादी है या भीड़ अधिक रहने की संभावना रहती है, वहां ड्रोन कैमरों की मदद से लगातार निगरानी की जाएगी. ड्रोन के जरिए पुलिस को रियल टाइम तस्वीरें मिलेंगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति, जाम या सुरक्षा संबंधी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी.
होटल और ढाबों की भी होगी जांच
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु यात्रा मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों और भोजनालयों में भोजन करते हैं. इसे देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है. विभाग द्वारा होटल और ढाबा संचालकों को साफ-सफाई, शुद्ध भोजन और खाद्य गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. नियमित निरीक्षण भी किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके.
