महंगाई डायन से बचाएगा ‘आयरन’, पीतल नगरी में हुई लोहे की एंट्री; कम बजट में भी मिल रहे शानदार प्रोडक्ट्स
पीतल नगरी मुरादाबाद अब लोहे के सजावटी उत्पाद बनाकर नई पहचान बना रही है. पीतल के महंगे होने और कच्चे माल की कमी के कारण कारीगरों ने किफायती लोहे के प्रोडक्ट तैयार करने शुरू कर दिए हैं. ये सस्ते होने के कारण आम आदमी की पहुंच में हैं और इनकी देश-विदेश में खूब मांग है.
उत्तर प्रदेश में ब्रॉस सिटी के रूप में जानी और पहचानी जाने वाले मुरादाबाद को एक नई पहचान मिल रही है. अब तक मुरादाबाद में पीतल के प्रोडक्ट दुनिया भर में पसंद किए जा रहे थे, लेकिन अब इसी मुरादाबाद में बने लोहे के डेकोरेटिव प्रोडक्ट की खूब डिमांड आ रही है. चूंकि यह लोहे के डेकोरेटिव प्रोडक्ट पीतल की अपेक्षा सस्ते हैं और आम आदमी की बजट में हैं. इसलिए लोग इसे खूब खरीद भी रहे हैं.
बता दें कि कई देशों में युद्ध चलने के कारण मुरादाबाद में रॉ-मटेरियल (सिली) की आपूर्ति मुश्किल से हो रही है. जो रॉ-मटेरियल आ भी रहा है तो उसके दाम दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है. यही नहीं, विदेश से ऑर्डर भी नहीं आ रहे हैं. इसकी वजह से पीतल कारोबार लगभग ठप सा है. ऐसे में व्यापारियों के सामने कई तरह की समस्या खड़ी हो गई हैं. ब्रास एक्सपोर्ट धीरे धीरे घट रहा है. देसी आइटम की बिक्री में भी भारी गिरावट आई है.
कारीगरों ने किया कारनामा
इस हाल से परेशान पीतल नगरी के कारीगरों ने अब कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिससे एक बार फिर से उनके पास रोजगार के खूब अवसर पैदा हो गए हैं. जो आइटम अब तक पीतल के बनते थे, वही डेकोरेटिव आइटम अब लोहे में तैयार किए जा रहे हैं. यह प्रोडक्ट पीतल की अपेक्षा काफी सस्ते भी हैं. इन आइटम की डिमांड देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में खूब है. पीतल कारोबारी मोहम्मद उबेद के मुताबिक पीतल का आइटम कम से कम हजार रुपये प्रति किलो होता है, जबकि वही आइटम लोहे में मुश्किल से ₹300 प्रति किलो में तैयार हो रहा है.
शीट में भी 10 गुने का अंतर
पीतल कारोबारियों के मुताबिक पीतल की शीट भी हजार रुपए प्रति किलो है, वहीं लोहे की शीट महज ₹100 में आ जाती है. इससे तैयार डेकोरेटिव आइटम काफी सस्ते हो जाते हैं. इनकी डिमांड भी देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से खूब आ रही है. यही वजह है कि मुरादाबाद जिले के पीतल कारोबारी अब नए आयरन कारोबार से जुड़ रहे हैं. जिससे आने वाले समय में व्यापारियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. इससे महंगाई से निपटने में भी काफी मदद मिलेगी.