शादी के बाद क्यों भारत छोड़ना चाहता था इंजीनियर युवराज? दोस्त ने पर्सनल लाइफ पर किया बड़ा खुलासा

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद उनके मित्र ने बड़ा खुलासा किया है. कहा कि शादी के बाद युवराज भारत छोड़ कर यूके में बसना चाहते थे. उन्हें देश के सिस्टम पर भरोसा नहीं था और वे अक्सर इसकी कमियों पर बात करते थे. यह दुखद घटना उनकी विदेश जाने की इच्छा और सिस्टम के प्रति अविश्वास को उजागर करती है.

नोएडा में युवराज की मौत Image Credit:

नोएडा के सेक्टर 150 में हुए हादसे में मृत सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता को लेकर एक बड़ा इनपुट सामने आया है. इंजीनियर युवराज शादी करने के बाद देश छोड़ना चाहता था. वह अपना करियर विदेश में बनाने की तैयारी में था. यह खुलासा युवराज के मित्र पंकज टोकस ने सोशल मीडिया पर किया है. पंकज ने युवराज मेहता की पर्सनल लाइफ शेयर करते हुए लिखा है कि वह भारत में रहना ही नहीं चाहता था.

उसने शादी के बाद यूके में सेटल होने की योजना बनाई थी. वहां पहले से उसकी बहन पढ़ाई करती है. पंकज ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि देश के विकास और सुरक्षा सिस्टम पर युवराज को भरोसा नहीं था. वह अक्सर कहता था कि भारत में सिस्टम सिर्फ कागजों पर चलता है. जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है. पंकज के इस पोस्ट ने भी प्राधिकरण के लापरवाह सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है.

गुरुग्राम में करता था नौकरी

पंकज टोकस ने बताया कि साल 2022 में युवराज ने ग्रेटर नोएडा के गलगोटिया कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई की. गाजियाबाद में रहते हुए उसने अपनी नौकरी शुरू की वह अपने काम से संतुष्ट भी था. पंकज टोकस ने बताया कि युवराज गुरुग्राम में नौकरी करता था, लेकिन उसे गाजियाबाद से गुरुग्राम जाने में काफी दिक्कतें होती थी. इसलिए साल 2024 में वो नोएडा शिफ्ट होने के बाद वह यहां से रोज की तरह गुरुग्राम आना जाने लगा. उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि एक दिन वह एक ऐसे हादसे का शिकार हो जाएगा.

सोशल मीडिया में डाला भावुक वीडियो

युवराज के दोस्त पंकज टोकस ने भावुक होकर सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि रोज की तरह हंसने वाला दोस्त अब इस दुनिया में नहीं है. वह जिंदा दिल इंसान था और मुश्किल वक्त में भी वह खड़ा होता था. पंकज ने बताया कि उसने हिम्मत दिखाते हुए पानी से बाहर निकालने की नाकाम कोशिश की, लेकिन लापरवाह सिस्टम ने उसकी जान ले ली. पंकज ने लिखा कि युवराज की कमी हमेशा खलेगी.

एक साल पहले ही ली थी गाड़ी

युवराज मेहता के दोस्त पंकज टोकस ने लिखा है कि नोएडा से गुरुग्राम जाने में काफी मुश्किल होती थी. कई बार मेट्रो बदलना पड़ता था. इस सफर को आसान बनाने के लिए उसने पिछले साल ही कार खरीदी थी. वह अपनी गाड़ी से बेहद प्यार करता था. जब उसने यह गाड़ी ली थी तो यह सोच कर ली थी कि उसे गाड़ी में सनरूफ चाहिए. उसे यह बिल्कुल भी एहसास नहीं था कि इसी गाड़ी में उसकी मौत हो जाएगी.