मजदूर के बेटे का कमाल, UP Board 12वीं में अभिषेक ने हासिल किया 7वां स्थान, IAS बनना है लक्ष्य
कयामुद्दीन इंटर कॉलेज माननगर कांठ के छात्र अभिषेक ने 12वीं में 96.20% के साथ प्रदेश भर में सातवीं रैंक प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है. उनके पिता पेशे से मजदूर हैं और मां हाउसवाइफ. अभिषेक का कहना है कि उसका लक्ष्य UPSC में सफल होकर आईएस बनना है.
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही मुरादाबाद जनपद में खुशी की लहर दौड़ गई है. इस साल जनपद के लगभग 75,000 से ज़्यादा छात्रों ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में अपना भाग्य आजमाया था. इनमें से कई मेधावियों ने न केवल जनपद का मान बढ़ाया, बल्कि प्रदेश की मेरिट सूची (Top 10) में भी अपनी जगह बनाई है.
4 छात्रों ने टॉप-10 में बनाई जगह
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सदानंद शर्मा जी ने बताया, मुरादाबाद के चार छात्रों ने राज्य स्तर पर टॉप-10 में स्थान प्राप्त कर जनपद का नाम रोशन किया है. हाई स्कूल में जहां तीन छात्रों ने प्रदेश की श्रेष्ठता सूची में जगह बनाई, वहीं इंटरमीडिएट में एक छात्र ने सातवीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. यह सफलता जनपद के शिक्षा विभाग, समर्पित शिक्षकों और कड़ी मेहनत करने वाले छात्रों के सामूहिक संघर्ष का परिणाम है.
शिखा दक्ष को 10वीं में छठी रैंक
हाई स्कूल में बिलारी स्थित देवेंद्र पाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा शिखा दक्ष ने प्रदेश में छठी रैंक हासिल कर जिला टॉप किया है. इसके साथ ही 10वीं रैंक पर दो छात्रों ने संयुक्त रूप से कब्जा जमाया है. इनमें पब्लिक इंटर कॉलेज पट्टी मौढ़ा कांठ के मोहम्मद जैद और महर्षि दयानंद इंटर कॉलेज कांठ की छात्रा कनक सिंह शामिल हैं.
12वीं में अभिषेक को प्रदेश में 7वां स्थान
इंटरमीडिएट की बात करें तो केसर जहां कयामुद्दीन इंटर कॉलेज माननगर कांठ के छात्र अभिषेक ने 96.20% के साथ प्रदेश भर में सातवीं रैंक प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है. उनके पिता पेशे से मजदूर हैं और मां हाउसवाइफ. अभिषेक परिवार में खुशियों का माहौल है. घर पर बधाई देने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है. अभिषेक का कहना है कि उसका लक्ष्य UPSC में सफल होकर आईएस बनना है.
सदानंद शर्मा ने और क्या कहा?
सदानंद शर्मा ने जोर देकर कहा कि केवल सिलेबस पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों के भीतर ‘राइटिंग स्किल्स’ विकसित करना और उन्हें लगातार अभ्यास (रिवीजन) के लिए प्रेरित करना ही उनकी प्राथमिकता रही है. शिक्षकों द्वारा समय-समय पर दिए गए गाइडेंस और अभिभावकों द्वारा प्रदान किए गए सकारात्मक माहौल ने छात्रों की एकाग्रता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.