‘आंखों के सामने मां को उठा ले गया तेंदुआ’, मुरादाबाद में खूंखार शिकारी का तांडव, महिला की मौत

मुरादाबाद में तेंदुए के हमले से एक वृद्ध महिला की दर्दनाक मौत हो गई है. महिला खेत में चारा लेने गई थी, जब बेटे के सामने तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया. इस भयावह घटना के बाद से इलाके में दहशत और ग्रामीणों में भारी रोष है. प्रशासन ने सुरक्षा बल तैनात कर तेंदुए को पकड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं.

ठाकुरद्वारा में तेंदुए का हमला, महिला की मौत से गांव में दहशत

मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र में तेंदुए के हमले से एक वृद्ध महिला की दर्दनाक मौत हो गई. बलिया गांव में खेत पर चारा लेने गई बिरमा देवी उर्फ बीरा देवी पर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया. महिला के साथ मौजूद परिजनों ने शोर मचाते हुए भाले-बल्लम लेकर तेंदुए को घेरने की कोशिश की. लेकिन महिला की दर्दनाक मौत हो गई.

परिजनों के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 2:30 बजे की है. बिरमा देवी अपने परिवार के लोगों के साथ खेत की ओर चारा लेने गई थीं. बताया गया कि करीब 15-20 लोग एक साथ चारा लेने पहुंचे थे. चारा काटने के बाद जब सभी लोग उसे बांध रहे थे, तभी महज एक मीटर की दूरी पर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने महिला पर हमला कर दिया.

पुलिस, क्विक रिस्पॉन्स टीम और PAC तैनात

तेंदुए के अचानक हमले से मौके पर चीख-पुकार मच गई. महिला के बेटे प्रेमचंद समेत अन्य परिजन भाले और बल्लम लेकर उसकी ओर दौड़े. ग्रामीणों के शोर और प्रतिरोध के बाद तेंदुआ महिला को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया. हालांकि, गंभीर रूप से घायल महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. घटना के बाद से गांव में दहशत और ग्रामीणों में भारी रोष है.

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है. तेंदुए के बढ़ते खौफ को देखते हुए गांव में पुलिस बल, क्विक रिस्पॉन्स टीम और PAC की टुकड़ी तैनात कर दी गई है. वन विभाग के साथ मिलकर ड्रोन कैमरों से इलाके की निगरानी की जा रही है.

लोग डर के कारण खेत जाने से घबरा रहे

घटना के समय मौजूद मृतक महिला के बेटे प्रेमचंद ने आपबीती बताते हुए कहा, ‘हम जंगल से न्यार (चारा) लेने गए थे, लगभग 15-20 लोग चारा लेने गाड़ियों में एक साथ गए थे, न्यार काटने के बाद जब गड्डी बांध रहे थे, तभी महज एक मीटर की दूरी से तेंदुए ने हमारी मां पर हमला कर दिया है. हम तुरंत भाले-बल्लम लेकर झपटे, तब जाकर मां को छोड़कर भागा.’

प्रेमचंद ने वन विभाग की लापरवाही पर गुस्सा जताते हुए कहा कि शाम 6 बजे के बाद गांव में तेंदुए का खतरा बहुत बढ़ जाता है, ग्रामीणों ने बार-बार पिंजरे (खटके) लगाने की गुहार लगाई, लेकिन वन विभाग टालमटोल करता रहा है. अब ग्रामीणों के सामने मवेशियों के लिए चारा लाने का बड़ा संकट है, लोग डर के कारण खेत की ओर जाने से भी घबरा रहे हैं.

परिवार को मिलेगा 5 लाख रुपये का मुआवजा

एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है. ग्रामीणों में कुछ रोष था, लेकिन उनसे बातचीत कर स्थिति सामान्य कर ली गई है. वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर पिंजरे लगवाए जा रहे हैं और ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है. गांव में सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस फोर्स तैनात कर रात में गश्त बढ़ाई गई है.

एडीएम संगीता गौतम ने क्षेत्रीय स्थिति और प्रशासनिक मदद की जानकारी देते हुए कहा, ‘मृतक महिला बिरमा देवी के परिवार को दैवीय आपदा के तहत ₹5 लाख की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलते ही उपलब्ध करा दी जाएगी.

एडीएम ने स्पष्ट किया कि मुरादाबाद का यह क्षेत्र जिम कॉर्बेट से सटा है, बारिश और गन्ने के खेतों के कारण लेपर्ड बाहर आ रहे हैं. क्षेत्र में लगभग 20-25 तेंदुए का अनुमान है, जिनमें से हाल ही में 6 पकड़े गए हैं. प्रभावित इलाकों में 20 पिंजरे लगाए गए हैं और जल्द 10 और लगाए जाएंगे. प्रशासन चौपाल लगाकर लोगों से समूह में बाहर निकलने की अपील कर रहा है.

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