3 बच्चों की मां को 6 बच्चों के बाप से हुआ प्यार, पहली पत्नी मानी लेकिन दोनों रहेंगी अलग
मुरादाबाद में एक अनोखा प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है. यहां तीन बच्चों की विधवा मां ने छह बच्चों के शादीशुदा पिता से निकाह किया. पहली पत्नी ने पंचायत में दूसरी शादी के लिए रजामंदी दी, लेकिन शर्त रखी कि वे एक ही घर में नहीं रहेंगे. अब पति ने अपनी नई पत्नी को किराए के घर में ठहराया है, जबकि पहली पत्नी बच्चों संग अपने घर में है.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक हैरतंगेज प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है. यहां पति की मौत के बाद एक तीन बच्चों की मां को एक शादीशुदा युवक से प्यार हो गया. इस युवक के छह बच्चे हैं. बावजूद इसके, दोनों ने चोरी छुपे कलियर शरीफ में निकाह किया और फिर कोर्ट मैरिज भी कर ली. इसकी जानकारी होने पर दोनों के घरों में बवाल मचा. फिर पंचायत बुलाई गई. इसमें युवक की पहली पत्नी ने शर्तों के साथ पति की दूसरी शादी के लिए रजामंदी दे दी.
उसने शर्त रखा कि एक ही घर में वह सौत के साथ नहीं रहेगी. इसके बाद युवक पंचायत से ही अपनी प्रेमिका और उसके बच्चों को लेकर घर आया और फिर किराए का घर लेकर उसे ठहरा दिया है. वहीं युवक की पहली पत्नी अपने बाल-बच्चों के साथ अपने घर में रह रही है. मामला मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में रानीनागल गांव का है. इस समय यह प्रेम कहानी सोशल मीडिया में भी सुर्खियों में है.
ये है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक रानीनागल गांव में रहने वाली तीन बच्चों की मां तबस्सुम के पति की पांच साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी. इसके बाद तब्बसुम कोरबांकू गांव में रहने वाले मोहम्मद उमर के संपर्क में आई. उमर भी शादीशुदा है और 6 बच्चों का बाप है. बावजूद इसके दोनों के बीच तीन साल तक प्रेम प्रसंग चला. फिर एक दिन दोनों ने चुपके से कलियर शरीफ में निकाह किया और फिर कोर्ट मैरिज भी कर ली.
खुलासे पर मचा हंगामा
इस शादी के बाद धीरे धीरे मामला खुला गया और बवाल मच गया. स्थिति से निपटने के लिए पंचायत बुलाई गई. पंचायत में दोनों ने साथ रहने की इच्छा जताई. ऐसे में पंचायत ने युवक की पहली पत्नी से पूछा. इसमें उसने कहा कि उसे कोई आपत्ति तो नहीं है, लेकिन एक ही घर में वह सौत के साथ नहीं रहेगी. इसके बाद पंचायत ने तब्बसुम को उमर के साथ रहने की हरी झंडी दे दी. वहीं पंचायत में से ही उमर तब्बसुम और उसके तीनों बच्चों को लेकर अपने गांव आया और एक किराए के घर में ठहरा दिया है.
ससुरालियों ने की विदाई
बताया जा रहा है कि तबस्सुम और उसके बच्चों को उसके ससुरालियों ने खुद विदा किया. वहीं उमर अपनी दो बीवियों और 9 बच्चों के साथ पंचायत से अपने घर के लिए चल दिया. तब्बसुम के देवर ने पंचायत में बताया कि उसके परिवार ने तबस्सुम को खुशी से रखा था, लेकिन वह अपनी इच्छा से जाना चाहती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन उन्होंने साफ किया कि आज के बाद उसका ससुराल पक्ष से कोई रिश्ता नहीं रहेगा.
