‘शहनवाज’ बनकर निकाह करने पहुंचा था विराट, मीट की थाली देखते ही खुल गई पोल

मुरादाबाद में एक अनोखी शादी का भंडाफोड़ हुआ, जहां हिंदू युवक ने 'शहनवाज' बनकर मुस्लिम प्रेमिका से शादी की कोशिश की. लेकिन निकाह के दौरान नवरात्र में मीट परोसे जाने पर उसने खाने से इनकार किया, जिससे उसकी नकली पहचान सामने आ गई.

मुरादाबाद में 'शहनवाज' का झूठ मीट से खुला Image Credit:

मुरादाबाद के मैनाठेर इलाके में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्यार के खातिर धर्म की दीवार लांघने की एक अनोखी साजिश का भंडाफोड़ हुआ. दिल्ली से आई बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा. बताया जा रहा है कि दिल्ली निवासी एक हिंदू युवक अपनी मुस्लिम प्रेमिका के कहने पर पहचान छिपाकर ‘शहनवाज’ नाम से बारात लेकर पहुंचा था. शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और माहौल सामान्य था, लेकिन शादी के दौरान जैसे ही खाने में मीट परोसा गया, पूरा खेल ही बिगड़ गया.

जानकारी के अनुसार, नवरात्र का समय होने और थाली में मीट देखते ही दूल्हे, उसके साथियों के होश उड़ गए और उन्होंने खाना खाने से साफ इनकार कर दिया. जांच में सामने आया कि युवती अपने परिवार की सहमति से शादी करना चाहती थी, लेकिन धर्म अलग होने के कारण उसने अपने प्रेमी का फर्जी मुस्लिम नाम बताकर परिजनों को राजी किया था.

युवती और युवक ने मिलकर बनाई थी योजना

बताया जा रहा है कि बारात में आए दूल्हे के दोस्त भी किराए पर या फर्जी वेशभूषा में लाए गए थे. जब इस मामले की भनक फैली और विवाद बढ़ा, तो पुलिस को दखल देना पड़ा, जिसके बाद यह अनोखा सच सभी के सामने आया. बाद में दूल्हा ने खुद अपनी सच्चाई लोगों को बताई. उसने बताया उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था और शादी के लिए ये युक्ति की थी.

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत करीब एक साल पहले हुई थी, जब युवती अपनी बहन के इलाज के लिए दिल्ली के एक अस्पताल गई थी. वहीं उसकी मुलाकात दिल्ली के दिलशाद गार्डन निवासी युवक से हुई थी, दोनों में प्रेम प्रसंग शुरू हुआ और उन्होंने शादी करने का फैसला किया था. हालांकि, उन्हें पता था कि अलग-अलग धर्म होने के कारण बाधा आएगी.

युवती को पता था कि उसके परिजन शादी के लिए कभी तैयार नहीं होंगे है. इसी वजह से युवती और युवक ने मिलकर योजना बनाई कि युवक खुद को ‘शहनवाज’ बताकर शादी करेगा. योजना के तहत रिश्ता तय हुआ और तय दिन बारात भी पहुंच गई. मगर, खाने में मीट की थाली आते ही भेद खुल गया और बिना दुल्हन के बारात को लौटना पड़ा है.

युवक के आधार कार्ड न देने पर भी हुआ था शक

इस अजीबोगरीब मामले को लेकर स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस पूरी साजिश की जरा सी भी भनक नहीं थी. जब निकाह की रस्म के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू की गई और लड़के पक्ष से आधार कार्ड मांगा गया, तो उसने देने से साफ मना कर दिया था. आधार कार्ड देने से इनकार करने पर ही मौलवी और वहां मौजूद लोगों को शक हुआ था.

ग्रामीणों के अनुसार, युवती को इस पूरी सच्चाई की पहले से जानकारी थी और यह सब उन्हीं की योजना का हिस्सा था. लोगों का मानना है कि लड़की पक्ष ने परिजनों और गांव वालों को गुमराह करके यह शादी रचाने की कोशिश की थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए मैनाठेर थाना पुलिस ने युवक से पूछताछ की. उसका असली नाम ‘विराट वेदी’ है.

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