आजम खान पर कसा शिकंजा, पूछताछ के लिए रामपुर जेल पहुंची ED की टीम
ईडी की टीम आजम खान से रामपुर जेल में पूछताछ करने पहुंची है. यह जांच जौहर यूनिवर्सिटी फंडिंग और जमीन विवाद से जुड़ा है. ईडी ने पहले भी कई करीबियों से पूछताछ कर दस्तावेज खंगाले हैं, अब आजम खान से इन्हीं तथ्यों पर सवाल-जवाब हो रहे हैं.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर रामपुर जेल में पूछताछ करने पहुंची है. ईडी ने पहले ही कई करीबियों और विश्वविद्यालय अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है. अब पूछताछ में सामने आए तथ्यों को लेकर आजम खान से सवाल-जवाब होगी.
ईडी ने इस मामले में आजम खान के करीबी CA दीपक गोयल, जौहर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर जहीरूद्दीन, ठेकेदार सलीम और सपा विधायक नसीर अहमद खान समेत अन्य से बीते दिनों पूछताछ कर चुकी है. सभी से चंदे की रकम के लेनदेन समेत अन्य बिंदुओं पर सवाल किए गए थे, जिनमें कुछ निर्णय आजम खान के दबाव में लिए जाने की बात आई है.
यूनिवर्सिटी समेत 10 ठिकानों पर की थी छापेमारी
ED की टीम मंगलवार तड़के रामपुर जिला कारागार में आजम खान से पूछताछ करने के लिए पहुंची है. सूत्रों के अनुसार ईडी ने इसके लिए चार सदस्यीय टीम बनाई है. यह जांच चंदे के लेनदेन, निर्माण कार्यों में खर्च की गई रकम के स्रोतों और आजम खान के दबाव में लिए गए निर्णयों पर केंद्रित है. ईडी ने इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी.
मौलाना जौहर अली ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया था. ईडी ने पिछले दिनों रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी और कई दस्तावेज कब्जे में लिए थे. आजम खान के करीबी CA दीपक गोयल के सहारनपुर स्थित कार्यालय और आवास पर भी छानबीन की गई थी.
दलित और गरीब की जमीन हड़पने का आरोप
जांच एजेंसियों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए जौहर ट्रस्ट को देश-विदेश और कई प्राइवेट कंपनियों से करोड़ों रुपये का संदिग्ध चंदा मिला है. साथ ही आरोप है कि फर्जी कंपनियों और करीबियों के जरिए ब्लैक मनी को चंदे के रूप में दिखाकर ट्रस्ट के खातों में ट्रांसफर किया गया और उसे यूनिवर्सिटी बनाने में लगाया गया.
यही नहीं, आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी परिसर का दायरा बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए आजम खान ने अपने प्रभाव का अवैध इस्तेमाल किया. 27 दलित और गरीब किसानों की जमीनों को जबरन कब्जा कर यूनिवर्सिटी में मिला लिया गया. इस मामले में सपा नेता के खिलाफ 27 अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं.