‘साहब मुझे जिंदा कर दो’, कागजों में मारकर बेटे ने बेच दिया मकान, रुला देगा 75 साल के बुजुर्ग का दर्द

मुजफ्फरनगर में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग को उसके बेटे ने संपत्ति के लालच में मृत घोषित कर दिया. हैरान करने वाली बात यह है कि थानेदार ने भी अपनी रिपोर्ट में उन्हें मृतक बता दिया. अब यह बुजुर्ग खुद को जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है और न्याय की गुहार लगा रहा है.

खुद को जिंदा कराने के लिए भटका रहा 75 साल का बुजुर्ग Image Credit:

मुजफ्फरनगर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक 75 साल के बुजुर्ग को पहले बेटे ने मृत बता कर मकान को बेच दिया. फिर जब मामला थाने पहुंचा तो थानेदार साहब ने भी अपनी रिपोर्ट में मृतक दिखा दिया. आलम ये है कि अब बुजुर्ग खुद को जिंदा कराने की अधिकारियों से गुहार लगाता हुआ उनके कार्यालय के चक्कर काट रहा है.

पीड़ित 75 वर्षीय बुजुर्ग का नाम इस्माइल है, वह ककरौली थाना क्षेत्र के कमहेड़ा गांव के रहने वाले हैं. इस्माइल शनिवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे, जहां तहसील दिवस होने के चलते उसकी अधिकारियों से तो कोई मुलाकात नहीं हो पाई लेकिन मीडिया से बात करते हुए उसने जरूर अपनी पीड़ा बताई. जो संपत्ति धोखाधड़ी का एक जीता-जागता उदाहरण है.

अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रहा बुजुर्ग

बुजुर्ग इस्माइल का आरोप है कि बड़े बेटे आबिद ने फर्जी कागज बनाकर उसे मृत दिखाया और मकान का बैनामा पड़ोसी गुलबहार के नाम कर दिया था. इसकी जानकारी जब बुजुर्ग और उनके अन्य बेटों को हुई तो उन्होंने ककरोली पुलिस से संपर्क किया. जहां पता चला कि ककरोली इंस्पेक्टर जोगिंदर सिंह ने भी अपनी रिपोर्ट में बुजुर्ग को मृतक बता दिया है.

अब ये बुजुर्ग लगातार आलाधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटकर खुद को जिंदा कराने की गुहार लगा रहा है. इस बाबत जब सीओ भोपा देवव्रत बाजपेयी से जानकारी ली गई तो, उनका भी मानना था की रिपोर्ट में बुजुर्ग को बाय मिस्टेक मृतक दिखाया गया है जिसको सही कराया जा रहा है. पीड़ित का दावा है कि पुलिस स्टेशन भी गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ.

हमारे खिलाफ ही 151 के तहत चालान काट दिया

बुजुर्ग के दुसरे बेटे जावेद का कहना है, ‘हमारा घर को लेकर केस चल रहा है. भाई ने पिता को मरा हुआ बताकर मकान अपने नाम कर दिया था. हमने दो-तीन बार शिकायत की, लेकिन वह मेरी पत्नी को गाली देता था. हम पुलिस स्टेशन गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ. भाई के खिलाफ कुछ नहीं हुआ, बल्कि हमारे खिलाफ सेक्शन 151 के तहत चालान काट दिया गया.

बेटे ने दावा किया कि स्टेटस रिपोर्ट में साफ-साफ नाम के आगे मृत लिखा है. आवेदक सफ़ूर के चार पुत्र थे. चारों की शादी हो चुकी है और उनका इंतकाल हो गया है. इस तरीका से पूरी डिटेल दे रखी है. ऐसे कई घटना आए दिन सामने आते हैं जहा अपनों की ही लापरवाही और लालच के कारण बुजुर्ग खुद को जिंदा साबित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

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