ग्रेटर नोएडा में आशियाना बनाना हुआ महंगा, प्लॉट और मकान की कीमतों में 3.58% का इजाफा

ग्रेटर नोएडा में अब घर बनाना महंगा हो गया है. प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में संपत्ति की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है. इस फैसले के बाद अब केवल प्लॉट खरीदना ही नहीं बल्कि घर का निर्माण करना भी महंगा होगा. बोर्ड बैठक में 2026-27 के लिए 6048 करोड़ के बजट को भी मंजूरी दी गई है.

ग्रेटर नोएडा में प्लॉट और मकान खरीदना हुआ महंगा

ग्रेटर नोएडा में अपना घर बनाने का सपना अब थोड़ा और महंगा हो गया है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में संपत्ति की कीमतों में 3.58 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है. इस फैसले के बाद अब प्लॉट खरीदना, मकान बनाना और उद्योग स्थापित करना पहले से ज्यादा खर्चीला हो जाएगा. इस सीधा असर आम खरीदारों पर पड़ने वाला है.

प्राधिकरण के इस निर्णय से सबसे ज्यादा नुकसान उन लोगों को होगा, जो लंबे समय से ग्रेटर नोएडा में घर खरीदने या बनाने की योजना बना रहे थे. इस बढ़ोतरी को सभी श्रेणियां की संपत्तियों पर लागू किया गया है, यानी रिहायशी व्यावसायिक और औद्योगिक तीनों तरह के प्लॉट अब महंगे हो जाएंगे. अब प्लॉट के साथ घर का निर्माण करना भी महंगा होगा.

बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी बड़ा फैसला

प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में केवल कीमतों में बढ़ोतरी ही नहीं बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. प्राधिकरण ने 105 मीटर चौड़ी सड़क को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है. इससे ग्रेटर नोएडा और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच सीधी कनेक्टिविटी होगी, जिससे रियल एस्टेट की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

बोर्ड बैठक में मित्र वर्ष 2026-27 के लिए 6048 करोड रुपए के बजट को भी मंजूरी दी गई है. जिसमें ग्रेटर नोएडा शहर में विकास पर करीब 2176 करोड रुपए खर्च होंगे. चालू वित्त वर्ष के लिए जल दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुआ है. इसके अलावा बोर्ड बैठक में जल बकायदाओं के लिए एकमुश्त समाधान की योजना को भी मंजूरी दी गई है.

ऊंची इमारत में हाइड्रोलिक प्लेटफार्म खरीदे जाएंगे

इस योजना के तहत लोग अपने बकाया बिल को आसान शर्तों पर जमा कर सकते हैं जिससे उन्हें राहत मिलेगी. साथ ही फैसला लिया गया है कि हाईराइज इमारत में आग जैसी घटनाओं से निपटने के लिए करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से हाइड्रोलिक प्लेटफार्म खरीदे जाएंगे. जिससे ऊंची इमारत में आग लगने की स्थिति में राहत और बचाव तेजी से किया जा सकेगा.

रियल एस्टेट एक्सपर्ट विक्रम कसाना का कहना है कि ग्रेटर नोएडा में संपत्ति की कीमतों में बढ़ोतरी जहां एक तरफ लोगों की जेब पर बोझ बढ़ाएगी तो वहीं दूसरी ओर बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर से भविष्य में रिटर्न भी बढ़ सकता है. गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ाव बड़ा बजट और नई योजना से ग्रेटर नोएडा प्रमुख शहरी केंद्र बन सकता है.

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