ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आग बुझाने के लिए एक भी फायर स्टेशन नहीं…भगवान भरोसे है लोगों की सुरक्षा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब 100 से ज्यादा सोसाइटियां हैं. यहां लगभग पांच लाख की आबादी होने के बावजूद एक भी आधुनिक और समर्पित फायर स्टेशन नहीं है. किसी भी आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड को दूर से बुलाना पड़ता है. इससे रिस्पांस टाइम बढ़ जाता है. हाईराइज इमारत में आग लगने के मामलों में हर मिनट की देरी नुकसान को कई गुना बढ़ा सकती है
गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में लगी भीषण आग ने एक बार फिर हाईराइज इमारत की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. दसवीं मंजिल से शुरू हुई आग ने देखते ही देखे कई फ्लैट्स को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 8 फ्लेट जलकर खाक हो गए. इस घटना में लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है.हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. लेकिन यह हादसा कई गंभीर सवाल छोड़ गया है.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए चेतावनी क्यों है यह घटना?
गौर ग्रीन की यह घटना केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र की हाईराइज सोसाइटियों के लिए भी एक बड़ा अलर्ट है. सवाल साफ है कि क्या यहां की सोसाइटी क्या ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से शहरीकरण हुआ है.यहां 15 से लेकर 40 मंजिल तक की इमारतें आम बात है. लाखों लोग इन सोसाइटियों में रहते हैं
इन ऊंची इमारत के अनुपात में आधुनिक फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास आज तक नहीं हुआ है. हकीकत यह है कि समिति में फायर सेफ्टी सिस्टम सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आता है. फायर अलार्म स्प्रिंकलर और हाइड्रेट सिस्टम या तो ठीक से काम नहीं करता या उनके नियमित जांच नहीं होती. सबसे बड़ी समस्या यह है कि फायर टेंडर ऊंची मंजिलों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पाते. ऐसे में अगर आज ऊपरी मंजिलों पर लगती है तो उसे नियंत्रित करना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है. शुरुआती कुछ मिनट में ही आग विकराल रूप ले सकती है जैसा कि इंदिरापुरम की घटना में देखने को मिला.
एक भी आधुनिक फायर स्टेशन नहीं बढ़ता खतरा?
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब 100 से ज्यादा सोसाइटियां हैं. यहां लगभग पांच लाख की आबादी होने के बावजूद एक भी आधुनिक और समर्पित फायर स्टेशन नहीं है. किसी भी आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड को दूर से बुलाना पड़ता है. इससे रिस्पांस टाइम बढ़ जाता है. हाईराइज इमारत में आग लगने के मामलों में हर मिनट की देरी नुकसान को कई गुना बढ़ा सकती है. नेफोवा पिछले कई वर्षों से लगातार इस मुद्दे को उठा रही है.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट आधुनिक फायर स्टेशन जरूरी
संगठन के लोगों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक आधुनिक फायर स्टेशन का निर्माण होना बेहद जरूरी है. इसमें हाई राइज फायर फाइटिंग और हाइड्रोलिक क्रेन एडवांस्ड वॉटर पंपिंग सिस्टम टोन आधारित निगरानी और प्रशिक्षित स्टाफ जैसी सुविधाएं मौजूद हो. ताकि घटनास्थल तक पहुंचने के बाद भी फायर विभाग के लिए हेल्पलेस जैसी स्थिति ना हो.
पुरानी फायर सेफ्टी व्यवस्था पर्याप्त नहीं
लगातार बढ़ती आबादी और ऊंची इमारत को देखते हुए पुरानी और पारंपरिक फायर सेफ्टी व्यवस्था पर्याप्त नहीं रह गई है. जरूरत है कि जिला प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण समृद्धि को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द ठोस कदम उठाएं. निवासियों का यह भी कहना है कि गाजियाबाद की घटना एक चेतावनी है जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जिस तरह से तेजी से विकास हुआ है उस तेजी से सुरक्षा इंतजाम नहीं बढ़े हैं.