किन जगहों पर मंडरा रहा हादसे का खतरा अथॉरिटी को बताएं, नोएडा प्राधिकरण ने जारी किए टोल-फ्री नंबर

नोएडा सेक्टर 150 सड़क हादसे में इंजीनियर युवराज की मौत के बाद अब प्राधिकरण ने नागरिकों से मदद मांगी. अथॉरिटी ने अपील किया है कि शहर में जहां भी ऐसे स्थान हैं, जिधर हादसे का खतरा मंडरा रहा है उसकी जानकारी प्राधिकरण की तरफ से जारी टोल-फ्री नंबरों पर साझा करें.

नोएडा प्राधिकरण ने लोगों से मांगी मदद Image Credit:

नोएडा सेक्टर-150 में हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद सिस्टम सवालों के घेरे में है. प्राधिकरण की लापरवाहियों की लिस्ट लगातार सामने आ रही है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लेकर इस मामले में तीन सदस्य एसआईटी टीम गठन किया है. साथ ही 5 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिए हैं. लापरवाही के चलते नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को भी हटा दिया गया है. इतनी बड़ी घटना होने के बाद अब जाकर प्राधिकरण की नींद टूटी है. प्राधिकरण ने 48 संवेदनशील जगहों की शिनाख्त की है, जहां हादसे का खतरा बना हुआ है.

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि ने अधिकारियों को नालों पर बने पुल और सर्विस रोड और मुख्य मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां पर रिफ्लेक्टर मार्किंग अवैध कट को बंद कराने का निर्देश दिया है. बता दें कि मंगलवार यानी 20 जनवरी को प्राधिकरण के अधिकारियों ने सेक्टर P3 ग्रेटर नोएडा वेस्ट 130 मीटर रोड, सूरजपुर रोड, कसना रोड समेत 48 संवेदनशील जगहों की शिनाख्त की है, जहां कभी भी हादसा हो सकता है.

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के महा प्रबंधक योजना अधिकारी एके सिंह ने ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिल्डरों को निर्देश दिया है कि जितने भी उनके खाली पड़े निर्माधीन प्रोजेक्ट हैं, उन पर सुरक्षा के लिहाज से तुरंत बैरिकेडिंग किया जाए. रिफ्लेक्टर चेतावनी संकेत और आसपास रोशनी की उचित व्यवस्था रखेी जाए, ताकि घने कोहरे और रात के समय में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके. इन सभी बिल्डर को 15 दिन का समय दिया गया है.

सड़क किनारे मजबूत स्लैब बनाए जाए

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि ने सड़क किनारे मजबूत स्लैब बनाने का निर्देश दिया है. साथ ही तिराहों और चौराहों की सड़कों पर डिवाइडर और अवैध कट को बंद करने के साथ-साथ नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और तुरंत उसका निस्तारण करने को कहा गया है. लापरवाही सामने आने पर कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की भी बात कही गई है.

प्राधिकरण को संवेदनशील इलाकों की दें जानकारी

प्राधिकरण के महाप्रबंधक योजना एके सिंह ने ग्रेटर नोएडा शहर के निवासियों से भी मदद मांगी है. उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि शहर में जितने भी संवेदनशील इलाके हैं, सड़कें हैं, उनके बारे में प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर पर जानकारी जरूर दें. उनका कहना है कि नागरिकों की छोटी सी जागरूकता किसी की जिंदगी बचा सकती है. प्राधिकरण की तरफ से जारी किए गए नंबर इस प्रकार हैं.

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

ग्रेटर नोएडा एक्टिव सिटीजन टीम के पदाधिकारी हरेंद्र भाटी ने बताया नोएडा सेक्टर 150 में हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद अब प्राधिकरण और प्रशासन दबाव में आ गया है जिसके चलते अब सभी अधिकारी खुले नालो अवैध गड्ढों और सेक्टर में खुले पड़े सीवर के मेन होल और अवैध कट को बंद करने में लग गए हैं. पहले जब हम इसकी शिकायतें करते थे, तो अधिकारी इसपर ध्यान ही नहीं देते हैं.

अब भी यहां हादसा होने का खतरा

उन्होंने आगे बताया यह पहली बार नहीं जब सेक्टर 150 जैसा हादसा हुआ है. ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पी3 में दिल्ली को जोड़ने वाली सड़क पर नाले के ऊपर बनी पुलिया पर रात के वक्त एक युवक अपनी कार समेत नाले में गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी. एक युवक की जान जाने के बावजूद भी प्राधिकरण नींद से नहीं जागा था. अभी भी वहां पर सुरक्षा के लिहाज से सिर्फ दो पाइप लगे हुए हैं. वहां ना लाइट की कोई व्यवस्था की गई है. ना ही रिफ्लेक्टिंग लाइट लगाया गया. इससे अब भी वहां हादसा होने का खतरा बना हुआ है.