यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करना पड़ेगा महंगा, सरकार को भेजा गया टोल टैक्स में 3.5% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव
यमुना एक्सप्रेस-वे प्रबंधन ने टोल टैक्स में 3.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है. एक्सप्रेसवे प्रबंधन का कहना है कि एग्रीमेंट के तहत हर साल टोल बढ़ाना तय है. 2024 के बाद से अब तक दरें नहीं बढ़ी थी. इसलिए ये प्रस्ताव हमने शासन के पास भेज दिया है.
यमुना एक्सप्रेस पर यात्रा करने वाले लोगों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है. दरअसल, एक्सप्रेसवे का संचालन करने वाली कंपनी ने टोल दरों में 3.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है. अगर मंजूरी मिली, तो लाखों यात्रियों और व्यापारियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा. टोल में बढ़ोतरी के प्रस्ताव के पीछे इसमें सालाना वृद्धि का प्रावधान और बढ़ती संचालन लागत का हवाला दिया गया है.
कंपनी ने क्यों भेजा टोल बढ़ोतरी का प्रस्ताव
एक्सप्रेसवे प्रबंधन का कहना है कि बढ़ते ट्रैफिक और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए करीब 3.5 फीसदी की प्रस्तावित बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है.इससे कार, बस, ट्रक और सभी कमर्शियल वाहन चालकों को झटका लगेगा. एक्सप्रेसवे प्रबंधन का कहना है कि एग्रीमेंट के तहत हर साल टोल बढ़ाना तय है. 2024 के बाद से अब तक दरें नहीं बढ़ी थी. ऐसे में हमने इसकी बढ़ोतरी के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है.
यमुना एक्सप्रेस वे पर बढ़ने वाला है गाड़ियों का दबाव
माना जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे के जुड़ने से इस रूट पर गाड़ियों का दबाव कई गुना बढ़ने वाला है. ऐसे में कहा जा रहा है कि इसे देखते हुए ही कंपनी मेंटेनेंस के नाम पर यह बोझ जनता पर डालने की तैयारी में है. अब सबकी नजरें शासन की मंजूरी पर टिकी हैं. अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो नोएडा से आगरा तक का सफर अब पहले जैसा सस्ता नहीं रहेगा.
इस एक्सप्रेस वे पर रोजाना 50 हजार वाहन गुजरते हैं
ग्रेटर नोएडा से आगरा तक करीब 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे का संचालन फिलहाल सुरक्षा कंपनी द्वारा किया जा रहा है. इससे पहले इसका संचालन जेपी समूह के पास था. यह सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे में शामिल है. इसपर रोजाना औसतन 50 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं. इसे 6 लेन से बढ़ाकर 8 लेन तक करने पर विचार किया जा रहा है.