ईद पर मनाएं मातम, सपा नेता का जेल से मुसलमानों को खास संदेश; ऐसा क्यों बोले आजम खान?

जेल में बंद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान ने मुसलमानों से ईद पर जश्न की बजाय मातम मनाने की अपील की है. ईरान-इजरायल युद्ध में 160 बच्चियों की मौत पर उन्होंने अमेरिका और इजरायल का विरोध करने को कहा है. युसूफ मलिक के जरिए भेजे संदेश में उन्होंने काले कपड़े पहनकर नमाज पढ़ने का आग्रह किया गया है. हालांकि उनकी अपील को 2027 चुनाव से पहले उनकी सियासी सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है.

आजम खान ने जेल से की खास अपील

सीतापुर की जेल में बंद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान ने मुसलमानों के लिए खास संदेश भेजा है. उन्होंने इस बार ईद पर मुसलमान जश्न ना मनाएं, बल्कि ईरान-इजारयल वार के खिलाफ मातम मनाएं. आजम ने यह संदेश अपने करीबी युसूफ मलिक के जरिए आवाम को दिया है. हालांकि उनके इस संदेश के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. माना जा रहा है कि यह एक सामान्य संदेश नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि आजम अगले चुनाव से पहले कोई बड़ी चाल चलने जा रहे हैं. इसलिए वह फिर से रामपुर और मुरादाबाद में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

आजम खान से मिलकर बाहर आए युसूफ मलिक ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि जेल में उन्होंने आजम खान और अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की. इस दौरान आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि देश के अंदर और बाहर मुसलमानों की हालत से आजम खान दुखी हैं. खासकर इरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले का उन्होंने पुरजोर विरोध किया है. साथ ही देश के सभी मुसलमानों खासतौर पर सुन्नी मुसलमानों को इजरायल-अमेरिका का विरोध करने और इस बार ईद पर जश्न ना मनाने की अपील की है.

गम में हैं आजम

युसूफ मलिक के मुताबिक ईरान में 160 बच्चियों की हत्या से आजम गम में हैं. उन्होंने कहा कि इन बच्चियों को अमेरिका ने मारा है. इसका पुरजोर विरोध होना चाहिए. उन्होंने सुन्नी मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि विरोध के तौर पर सभी मुसलमान इस बार ईद पर काले कपड़े पहनें. कोई भी इस बार ना तो नए कपड़े और ना ही जश्न मनाएं. बल्कि इन बच्चियों के लिए मातम मनाएं. उन्होंने काले कपड़े या काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमले में मारी गई बच्चियां हमारी भी बच्चियां हैं. इसलिए उन्हें खिराजे अकीदत पेश करें.

क्यों हो रही राजनीति?

आजम खान की इस अपील को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. उनकी अपील के कई मायने निकाले जा रहे हैं. माना जा रहा है कि काफी समय से नेपथ्य में रहे आजम खान साल 2027 के चुनावों से पहले खुद को एक्टिव कर रहे हैं. खासतौर पर रामपुर और मुरादाबाद की राजनीति में अपनी पकड़ को मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने ईरान का समर्थन कर शिया मुसलमानों के साथ सुन्नियों में भी सहानुभूति जुटाने के लिए यह अपील की है. कहा तो ये भी जा रहा है कि जेल में रहने के बावजूद आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी उन्हें इग्नोर नहीं कर पाएगी.

रिपोर्ट: गुलजार रहमान, रामपुर

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