बाराबंकी में तरबूज और मीट शॉप पर छापेमारी, मुंबई कांड के बाद 9 दुकानें सील

मुंबई कांड के बाद बाराबंकी प्रशासन खाद्य सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है. जिलाधिकारी के निर्देश पर मीट और तरबूज की दुकानों पर सघन छापेमारी की गई. गंदगी व बिना लाइसेंस चल रही 9 दुकानें बंद कराई गईं. प्रशासन ने तरबूज में इंजेक्शन की अफवाहों को खारिज किया है.

मुंबई कांड के बाद बाराबंकी में मीट शॉप और तरबूजों की जांच

मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत के बाद हड़कंप मचा है. जांच में प्राथमिक कारण बिरयानी और तरबूज का सेवन बताया जा रहा है. अब इसको लेकर बाराबंकी प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना हो गया है. जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे जनपद में मीट और तरबूज की दुकानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया.

इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र मीट की दुकानें और गर्मियों में बिकने वाले रसीले फल रहे, ताकि जिले में किसी भी तरह की अनहोनी को टाला जा सके. मुंबई में हुई दुखद घटना के बाद से ही खान-पान की शुद्धता को लेकर देशभर में हड़कंप है. इसी क्रम में बाराबंकी में जांच के दौरान 9 दुकानों को बिना लाइसेंस और गंदगी के चलते सील कर दिया गया है.

तरबूज में इंजेक्शन और लाल रंग डालने की अफवाह

बाराबंकी के नवाबगंज, हैदरगढ़, फतेहपुर और रामसनेहीघाट जैसे क्षेत्रों में संयुक्त मजिस्ट्रेट और एसडीएम के नेतृत्व में मीट की दुकानों पर छापेमारी की गई. जांच के दौरान 19 में से 9 दुकानें बिना लाइसेंस और भारी गंदगी के बीच संचालित मिलीं, जिन्हें मौके पर ही बंद करा दिया गया. विभाग ने स्पष्ट किया है कि असुरक्षित तरीके से मीट बेचना अब भारी पड़ेगा.

मुंबई कांड में तरबूज को लेकर भी चर्चाएं थीं, जिससे बाराबंकी के स्थानीय बाजारों में भी ग्राहकों के बीच डर बैठ गया था. सोशल मीडिया पर तरबूज में इंजेक्शन और लाल रंग डालने की खबरें तैर रही थीं. इसे देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के फल बाजारों का खुद निरीक्षण किया. साथ ही प्रशासन ने तरबूज में इंजेक्शन की अफवाहों को खारिज किया.

खाने-पीने की चीजों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं- प्रशासन

खाद्य सुरक्षा विभाग ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब तक की जांच में बाराबंकी के तरबूजों में किसी भी तरह के इंजेक्शन या कृत्रिम रंग के प्रमाण नहीं मिले हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन फल खरीदते समय साफ-सफाई का ध्यान जरूर रखें. वहीं जिले में कई मीट दुकानदार गलत लाइसेंस पर कारोबार करते पाये गए.

इसको लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने न केवल 9 दुकानों को बंद कराया, बल्कि अन्य दुकानदारों को भी चेतावनी दी कि यदि मानकों में सुधार नहीं हुआ तो उनके खिलाफ भी कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी. गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खाने-पीने की चीजों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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