हत्या या हादसा? आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र की संदिग्ध मौत, परिजन बोले- मर्डर किया गया
सहारनपुर के गुरु द्रोणाचार्य आयुर्वेदिक कॉलेज में फर्स्ट ईयर छात्र विशाल कासौधन की संदिग्ध मौत हो गई. दिल्ली के पटे बहादुर के बेटे विशाल को एक महीने पहले ही दाखिला मिला था. रविवार शाम पटे बहादुर के पास फोन आया कि मामूली एक्सीडेंट हुआ है, लेकिन अस्पताल पहुंचकर पता चला कि विशाल की मौत हो गई. परिजनों का आरोप कि विशाल रैगिंग से परेशान था, कुछ छात्र उसे जबरन बाइक पर ले गए... मोबाइल से सबूत मिटाए गए.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गुरु द्रोणाचार्य आयुर्वेदिक कॉलेज में पढ़ने वाले फर्स्ट ईयर के छात्र विशाल की संदिग्ध मौत हो गई है. इस मामले में परिजनों ने कॉलेज प्रशासन, वार्डन और सीनियर छात्रों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक के पिता ने बिहारीगढ़ पुलिस को शिकायती पत्र देकर इसे हादसा नहीं बल्कि साजिशन हत्या बताया है. परिजनों का कहना है कि विशाल की रैगिंग की जा रही थी, जिससे वह परेशान रहता था. पिता की शिकायत पर पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है.
दरअसल, दिल्ली के रहने वाले पटे बहादुर ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में कहा, ‘उन्होंने अपने बेटे विशाल का दाखिला एक महीने पहले ही दिसंबर 2025 में गुरु द्रोणाचार्य आयुर्वेदिक कॉलेज में कराया था… कल रविवार 25 जनवरी की शाम करीब साढ़े सात बजे मोनू नामक व्यक्ति का फोन आया कि विशाल का एक्सीडेंट हो गया है और मामूली चोट लगी है… जानकारी मिलते ही परिजन रात में सहारनपुर पहुंचे तो पता चला कि विशाल की मौत हो गई है.’
विशाल को परेशान कर रहे थे कुछ छात्र
विशाल को शव मोर्चरी में रखा था और कॉलेज की ओर से कोई जिम्मेदार व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था. परिजनों का आरोप है कि काफी देर के बाद कुछ छात्र और मोनू वहां पहुंचे, लेकिन कॉलेज प्रबंधन का कोई अधिकारी सामने नहीं आया. इसके बाद 112 पर कॉल कर पुलिस की मदद से परिजन कॉलेज के हॉस्टल पहुंचे, जहां पूछताछ में सामने आया कि यह हादसा नहीं बल्कि साजिश का नतीजा है. शिकायत में बताया गया है कि कुछ छात्र विशाल को लगातार परेशान करते थे.
विशाल को जबरदस्ती बाईक पर ले गए दो स्टूडेंट
पिता पटे बहादुर का कहना है कि कॉलेज में रैगिंग की शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. आरोप है कि कॉलेज स्टाफ और हॉस्टल प्रभारी की मिलीभगत से विशाल को जबरन दो छात्रों के साथ मोटरसाइकिल पर बाहर भेजा गया, जबकि उसे बाइक चलानी भी नहीं आती थी. परिजनों के अनुसार, उस समय विशाल के साथ हर्ष (हर्षित) और मोहित नामक छात्र मौजूद थे. सुरक्षा गार्ड ने भी बताया कि अंदर से आदेश आने पर बच्चों को बाहर भेजा जाता था.
विशाल के मोबाइल से मिटाए गए सबूत
विशाल के रूम पार्टनर और अन्य छात्रों ने भी बताया कि उसे खास तौर पर ज्यादा प्रताड़ित किया जाता था. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि परिजनों के पहुंचने से पहले विशाल के मोबाइल फोन का पासवर्ड पता कर उसके मैसेज और कॉल रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की गई, ताकि सबूत मिटाए जा सकें. जिस बाइक पर तीन लोग सवार थे, उसमें विशाल समेत 2024 बैच के छात्र थे, जिसमें उसकी मौत हो गई और एक अन्य युवक घायल है.
भाई बोला- बहुत दिनों से कुछ लड़के मारने का प्लान बना रहे थे
मृतक विशाल का भाई अरुण भी डॉक्टर है. फिलहाल वह दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में रेजिडेंट के पद पर तैनात है.डॉ. अरुण ने बताया कि 2024 बैच के सीनियर्स उससे रंजिश रख रहे थे… किसी लड़की को लेकर वो उससे मारने का प्लान बना रहे थे… कल वही लोग उसे बाइक पर बैठाकर ले गए और उसकी हत्या कर दी… हम लोग जब तक बॉडी का पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे… जब तक आरोपी छात्रों और कॉलेज स्टाफ के ऊपर कार्रवाई नहीं होती है.
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए कॉलेज के ओनर, वार्डन मोनू, अमित कुमार, मोहित, हर्ष/हर्षित, आसिफ, शिवम विश्वकर्मा समेत अन्य के खिलाफ हत्या और एंटी-रैगिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने तथा कॉलेज को बंद कराने की मांग की है. इस मामले में एसपी देहात सागर जैन का कहना है कि परिजनों के आरोप की जांच की जा रही… कॉलेज ओर हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है… पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.