कौन हैं जफर अली? पहले संभल दंगे में काटी 4 महीने की जेल, अब ओवैसी की पार्टी से लड़ेंगे विधानसभा
संभल दंगे के मुख्य आरोपी जफर अली, जो चार महीने जेल में रहे, अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM में शामिल हो गए हैं. उन्हें संभल से विधानसभा प्रत्याशी घोषित किया गया है. जफर अली ने बताया कि वे जनता की मांग और ओवैसी की कार्यशैली से प्रभावित होकर राजनीति में आए हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
संभल दंगे के मुख्य आरोपियों में से एक जफर अली ने अवैसी की पार्टी AIMIM की सदस्यता हासिल कर ली है. अब वह विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है.संभल जामा मस्जिद के सदर जफर अली का नाम संभल दंगे के मुख्य आरोपियों में से एक है. हिंसा के दौरान पुलिस ने इन्हें अरेस्ट कर जेल भेज दिया था. वहीं अब जामा मस्जिद पार्क में आयोजित ओवैसी की जनसभा में पहुंचे जफर अली ने मंच पर आकर पार्टी में शामिल हो गए.
उन्हें प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने पार्टी की सदस्यता दिलाने के साथ ही संभल से प्रत्याशी बनाए जाने का ऐलान किया. संभल में विवादित शाही जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता जफर अली ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की सदस्यता मुरादाबाद में ग्रहण कर ली है, संभल मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए जफर अली चार महीने तक जेल में रहने के बाद हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आए थे.
मीडिया के सामने रखी अपनी बात
मुरादाबाद में आयोजित AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की विशाल जनसभा के दौरान जफर अली ने औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया है. वह शाही जामा मस्जिद मामले में मुख्य पैरोकार भी हैं.मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी बेबाक राय रखी. कहा कि पहले वे किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े थे और न ही सक्रिय राजनीति में थे. लेकिन जनता की मांग को देखते हुए उन्होंने AIMIM का दामन थामा है. उनके इस कदम को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अहम माना जा रहा है.
बताई राजनीति में आने की वजह
AIMIM में शामिल होने के बाद जफर अली ने कहा कि वह असदुद्दीन ओवैसी साहब और बैरिस्टर साहब की रणनीति तथा कार्यशैली से प्रभावित होकर राजनीति में आएं हैं. उन्होंने अवाम की मांग का सम्मान करते हुए AIMIM में शामिल होने का फैसला लिया है. यदि पार्टी नेतृत्व उन्हे विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाता है, तो मैं पूरी ताकत से चुनाव के मैदान में उतरेंगे. उनकी प्राथमिकता वही खिदमत करना होगी जो वह पहले से करते आए हैं.
