शाहजहांपुर में नकली ‘राजधानी’ बेसन का बड़ा खेल बेनकाब, 32 लाख का माल सीज

शाहजहांपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली ब्रांड के बेसन और दाल बनाने वाले कारोबार का भंडाफोड़ किया है. दिल्ली की 'राजधानी' कंपनी की शिकायत पर आरव उद्योग और श्री कृष्णा इंडस्ट्रीज में छापेमारी कर 3,500 क्विंटल दाल-बेसन, पैकिंग मशीनें और हजारों खाली बोरे जब्त किए गए. करीब 32.87 लाख रुपये का माल सीज किया गया है.

नकली ब्रांड के बेसन और दाल बनाने के कारोबार का खुलासा

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली ब्रांड के बेसन और दाल बनाने के कारोबार का खुलासा किया है. दिल्ली की एक प्रतिष्ठित बेसन निर्माता कंपनी ‘राजधानी’ की शिकायत पर जिला प्रशासन ने संयुक्त छापेमारी कर करीब 1300 क्विंटल दाल और बेसन, पैकिंग मशीनें, हजारों खाली बोरे और लाखों रुपये का माल जब्त किया है. सीज किए गए माल की कीमत करीब 32 लाख रुपये बताई जा रही है.

इस कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच तेज कर दी है. साथ ही शिकायतकर्ता कंपनी की ओर से कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानून के तहत भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. दरअसल, ‘राजधानी’ कंपनी ने शिकायत की थी कि शाहजहांपुर के जियाखेल मोहल्ले में उनके ब्रांड की डुप्लीकेट पैकिंग तैयार कर बाजार में बेची जा रही है. शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम गठित की गई.

दो फर्मों पर पड़ा छापा

टीम ने जियाखेल स्थित एक ही परिसर में संचालित दो फर्मों पर एक साथ छापेमारी की. जांच टीम ने आरव उद्योग और श्री कृष्णा इंडस्ट्रीज नामक फर्मों पर कार्रवाई की. छापेमारी के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में विभिन्न ब्रांडों के नाम से पैक किया गया बेसन और दाल मिली. मौके पर पैकिंग का पूरा सेटअप भी संचालित होता मिला. अधिकारियों के अनुसार, यह मामला प्रतिष्ठित कंपनियों के ब्रांड नाम का इस्तेमाल कर नकली उत्पाद बाजार में उतारने से जुड़ा है.

550 बोरे तैयार माल और पैकिंग मशीन बरामद

एफएसडीए की कार्रवाई में आरव उद्योग से कथित शिकायतकर्ता कंपनी के ब्रांड नाम वाले 550 बोरे बेसन और दाल बरामद किए गए. इसके अलावा मौके से पैकिंग मशीन, लगभग 200 खाली पैकिंग बोरे और पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की गई. जांच अधिकारियों का मानना है कि इन मशीनों का इस्तेमाल ब्रांडेड कंपनियों जैसी पैकिंग तैयार करने में किया जा रहा था. सबसे बड़ी बरामदगी गोदाम से हुई. करीब 3,500 क्विंटल दाल और बेसन मिला.

32 लाख से अधिक का नकली सामान सीज

इसके साथ ही बेसन और विभिन्न दालों के 7 नमूने जांच के लिए लिए गए. करीब 1,300 बोरियों में रखा लगभग 386 क्विंटल दाल का स्टॉक भी सीज किया गया. विभिन्न ब्रांडों के नाम से छपे लगभग 800 खाली बोरे और पैकिंग मशीनें भी कब्जे में ली गईं. खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार कार्रवाई के दौरान जब्त और सीज किए गए माल का अनुमानित मूल्य 32 लाख 87 हजार रुपये आंका गया है. विभाग अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रहा है.

कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानून के तहत भी होगी कार्रवाई

अधिकारियों का मानना है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं हो सकता और इसके तार अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं. फिलहाल, कार्रवाई के दौरान लिए गए सात नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी. शिकायतकर्ता दिल्ली की कंपनी इस मामले में कॉपीराइट एक्ट के तहत भी प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर रही है.

कई विभागों ने मिलकर की कार्रवाई

अगर जांच में यह साबित होता है कि किसी प्रतिष्ठित ब्रांड की नकली पैकिंग बनाकर उत्पाद बेचे जा रहे थे, तो संबंधित लोगों पर ट्रेडमार्क और कॉपीराइट उल्लंघन के गंभीर आरोप लग सकते हैं. यह संयुक्त अभियान नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में चलाया गया. कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के साथ मंडी समिति, जीएसटी विभाग और स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही. पूरे परिसर की जांच की गई और दस्तावेज भी खंगाले गए.

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