इसे कहते हैं कुदरत का इंसाफ… दो बच्चों को अगवा कर ले जा रहे 3 बदमाशों की एक्सीडेंट में मौत

बरेली के सीबीगंज क्षेत्र में एक बोलेरो सड़क हादसे का शिकार हो गई. बोलेरो सवार तीन युवकों की तुरंत मौत हो गई. वहीं, एक अन्य युवक घायल हुआ था. सूचना पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो अंदर दो छोटे बच्चे बेहोशी की हालत में मिले. दोनों बच्चे घायल थे, इसलिए उन्हें तुरंत अस्पताल भेज दिया गया. अब इस मामले जो खुलासा हुआ है, वह हैरान करने वाला है. दरअसल, घटना में जिन युवकों की मौत हुई है और जो शख्स घायल है, वे सभी बच्चों के किडनैपर थे.

बरेली सड़क हादसे में मरने वाले निकले बच्चों के किडनैपर

लखनऊ-बरेली हाईवे में सीबीगंज क्षेत्र के पास तेज रफ्तार बोलेरो एक खड़े टैंकर से टकरा गई थी. बोलेरो में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, एक घायल हो गया था. शुरुआत में यह मामला सामान्य दुर्घटना लग रहा था. लेकिन अब पुलिस जांच में यह पता चला है कि यह एक महज हादसा नहीं था. इसके पीछे एक बड़ा आपराधिक राज छिपा हुआ था.

हादसे के बाद जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार की तलाशी ली तो अंदर दो छोटे बच्चे बेहोशी की हालत में मिले. दोनों बच्चे घायल थे और उन्हें तुरंत अस्पताल भेज दिया गया. पुलिस जांच में पता चला कि ये दोनों बच्चे गुरुग्राम से अगवा किए गए थे. ये बच्चे गुरुग्राम के डीएलएफ फेस-1 इलाके में रहने वाले ऑटो चालक मनोज के बेटे हैं.

शनिवार से लापता थे मनोज और उनके बच्चे

शनिवार शाम यानी 04 अप्रैल से से मनोज और उनके दोनों बच्चे लापता थे. मनोज की पत्नी पूजा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति बच्चों को साथ लेकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे. पूजा ने बताया कि जब उन्होंने पति को फोन किया तो पहले कोई जवाब नहीं मिला.

अनजान शख्स ने कॉल कर जान लेने की दी धमकी

पूजा ने बताया बाद में एक अंजान व्यक्ति की कॉल आई. उस शख्स ने बोला मनोज को पकड़ लिया गया है. पुलिस को सूचना दी तो उसे मार दिया जाएगा. कुछ देर के लिए बच्चों और मनोज से बात भी करवाई गई. इससे साफ हो गया कि मामला गंभीर है. इसके बाद पूजा ने इसकी सूचना पुलिस को दी.

तीन बदमाशों की मौके पर मौत

बताया जा रहा है कि बोलेरो में सवार बदमाश बच्चों को लेकर कहीं जा रहे थे. तभी उनकी कार हाईवे पर खड़े टैंकर से टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन बदमाशों की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद कार में फंसे बच्चों को पुलिस ने बाहर निकाला. दोनों बच्चे घायल थे लेकिन जिंदा थे, जो किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है.

मनोज को पहले से जानते थे बदमाश

घायल बदमाश को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है. पुलिस की जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे फिरौती और रंगदारी की साजिश थी. बदमाश मनोज को पहले से जानते थे. इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया. पुलिस ने सर्विलांस की मदद से मनोज को भी सुरक्षित ढूंढ लिया है. पूरे मामले में बरेली और गुरुग्राम पुलिस मिलकर जांच कर रही है.

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